Meaning of

खस्ता

khasta • خستہ

टूटा हुआ; जर्जर; नाज़ुक; भावनात्मक रूप से थका हुआ

broken; worn out; fragile; emotionally exhausted

ٹوٹا ہوا; خستہ; نازک; جذباتی طور پر تھکا ہوا

Persian

दीवार क्या गिरी मिरे ख़स्ता मकान की लोगों ने मेरे सेहन में रस्ते बना लिए — Sibt Ali Saba
ये न सोचो कि मुझ को ख़बर है नहीं सठ की मुफलिसों पर नज़र है नहीं हाल ख़स्ता हमारा यहाँ देखिए गाँव मेरा बड़ा सा शहर है नहीं — Sandeep dabral 'sendy'
ऐ शाहज़ादी दिल-ए-ख़स्ता का दिफ़ा करना मैं अपना दिल तेरे कूचे में छोड़ आया हूँ — Shajar Abbas
एजाज़-ए-शायरी कहो अपनी ज़बान से ख़स्ता सोहेल शे'र सुनाओ न तुम कभी — Shaikh Sohail
छूटने वाले तो राहों में खड़े रहते हैं छोड़ने वाले पलट कर नहीं देखा करते — Aqib khan

मूल रूप से 'खस्ता' किसी भौतिक वस्तु के टूटे या जर्जर होने का चित्र खींचता है। कविता में, यह भावनात्मक क्षेत्र तक फैलता है, मानव आत्मा की नाज़ुकता और दिल की थकान को पकड़ता है।

'खस्ता' का उपयोग कवि अक्सर प्रेमी के दिल को वर्णित करने के लिए करते हैं, जो तड़प से थका हुआ होता है। यह समय की क्षय या सपनों की नाज़ुकता को भी दर्शा सकता है।

कविता के क्षेत्र में, 'खस्ता' आत्मा की गहरी कमजोरियों का दर्पण बन जाता है।