
निभा देते हैं गहरी दोस्ती जो हाल अच्छे हों
अगर हो हाल ख़स्ता साथ तब कोई नहीं देता
रहेंगे साथ सारे हाथ दोनों गर सलामत हों
मगर हों हाथ टूटे हाथ तब कोई नहीं देता
— Mohit Subran
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