Meaning of

ख़ता

KHataa • خطا

गलती; त्रुटि; दोष

mistake; error; fault

غلطی; خطا; قصور

Arabic

ये तो कहिए इस ख़ता की क्या सज़ा मैं जो कह दूँ आप पर मरता हूँ मैं — Dagh Dehlvi
इस दौर-ए-मुंसिफ़ी में ज़रूरी नहीं 'वसीम' जिस शख़्स की ख़ता हो उसी को सज़ा मिले — Waseem Barelvi
बे-ख़ुदी में ले लिया बोसा ख़ता कीजे मुआ'फ़ ये दिल-ए-बेताब की सारी ख़ता थी मैं न था — Bahadur Shah Zafar
मैं चीख़ता रहा कुछ और भी है मेरा इलाज मगर ये लोग तुम्हारा ही नाम लेते रहे — Anjum Saleemi
फूल की आँख में शबनम क्यूँँ है सब हमारी ही ख़ता हो जैसे — Bashir Badr
तुम्हारे ख़्वाब से हर शब लिपट के सोते हैं सज़ाएँ भेज दो हम ने ख़ताएँ भेजी हैं — Gulzar
वो क्यूँँ न रूठता मैं ने भी तो ख़ता की थी बहुत ख़याल रखा था बहुत वफ़ा की थी — Sabir Zafar

'ख़ता' मूल रूप से गलती या त्रुटि को दर्शाता है, जो सही से अनजाने में भटकाव है। कविता में, यह शब्द मानव की असफलताओं का भार लिए होता है, जहाँ इरादे और क्रियाओं के बीच की नाजुकता को खोजा जाता है।

कवियों ने 'ख़ता' का उपयोग मानव क्रियाओं की नाजुकता को व्यक्त करने के लिए किया है। यह प्रायश्चित, क्षमा और जीवन की नैतिक जटिलताओं के विषयों में अक्सर दिखाई देता है।

'ख़ता' हमें हमारी साझा मानवीय अपूर्णताओं की याद दिलाता है, और हमारे चुने हुए रास्तों पर चिंतन का आमंत्रण देता है।