Meaning of

ख़लिश

khalish • خلش

दर्द; असुविधा; बेचैनी

pain; discomfort; unease

درد; تکلیف; بے چینی

Arabic

मैं पा सका न कभी इस ख़लिश से छुटकारा वो मुझ से जीत भी सकता था जाने क्यूँँ हारा — Javed Akhtar
ऐ दिल की ख़लिश चल यूँँही सही चलता तो हूँ उन की महफ़िल में उस वक़्त मुझे चौंका देना जब रंग पे महफ़िल आ जाए — Behzad Lakhnavi
दुख जफ़ा जुल ख़लिश कसक ज़िल्लत इश्क़ में कुछ नया अता करते — A R Sahil "Aleeg"
गुज़रे जब उस राह से देखा न मुड़ के जो ख़लिश थी छोड़ आए हैं सड़क पर — Sanjay Bhat
किसी की तपिश में ख़ुशी है किसी की किसी की ख़लिश में मज़ा है किसी का — Unknown
कोई मेरे दिल से पूछे तिरे तीर-ए-नीम-कश को ये ख़लिश कहाँ से होती जो जिगर के पार होता — Mirza Ghalib
लड़ते-झगड़ते रंज से इक रोज़ यूँंँ हुआ तन्हाई से, ख़लिश से मुझे प्यार हो गया — shahnawaaz khan
उसी इक ख़लिश में अना मैं हुई हूँ अभी दिल लगा अब फ़ना मैं हुई हूँ — Manohar Shimpi
भूल जाओगे उसे तो भी ख़लिश होगी ही जल भी जाए जो मकाँ फिर भी धुआँ रहता है — Chetan Verma

ख़लिश एक स्थायी दर्द या असुविधा की भावना को व्यक्त करता है, जो अक्सर भावनात्मक होता है। कविता में, यह लालसा और अधूरी इच्छाओं की सूक्ष्म पीड़ा को दर्शाता है।

कवि 'ख़लिश' का उपयोग प्रेम और लालसा की खट्टे-मीठे स्वभाव को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर खुशी के क्षणों के साथ विपरीत होता है, भावनाओं की जटिलता को उजागर करता है।

ख़लिश गहरी भावनाओं के साथ आने वाले कोमल दर्द की याद दिलाता है, जो अनकहा रह जाता है।