Meaning of

ख़लिश

khalish • خلش

दर्द; असुविधा; बेचैनी

pain; discomfort; unease

درد; تکلیف; بے چینی

Arabic

भूल जाओगे उसे तो भी ख़लिश होगी ही
जल भी जाए जो मकाँ फिर भी धुआँ रहता है

0

Download Image

न हुआ नसीब क़रार-ए-जाँ हवस-ए-क़रार भी अब नहीं
तिरा इंतिज़ार बहुत किया तिरा इंतिज़ार भी अब नहीं

तुझे क्या ख़बर मह-ओ-साल ने हमें कैसे ज़ख़्म दिए यहाँ
तिरी यादगार थी इक ख़लिश तिरी यादगार भी अब नहीं

86

Download Image

किसी की तपिश में ख़ुशी है किसी की
किसी की ख़लिश में मज़ा है किसी का

54

Download Image

मैं पा सका न कभी इस ख़लिश से छुटकारा
वो मुझ से जीत भी सकता था जाने क्यूँँ हारा

41

Download Image

कोई मेरे दिल से पूछे तिरे तीर-ए-नीम-कश को
ये ख़लिश कहाँ से होती जो जिगर के पार होता

27

Download Image

ऐ दिल की ख़लिश चल यूँँही सही चलता तो हूँ उन की महफ़िल में
उस वक़्त मुझे चौंका देना जब रंग पे महफ़िल आ जाए

21

Download Image

लड़ते-झगड़ते रंज से इक रोज़ यूँंँ हुआ
तन्हाई से, ख़लिश से मुझे प्यार हो गया

1

Download Image

दुख जफ़ा जुल ख़लिश कसक ज़िल्लत
इश्क़ में कुछ नया अता करते

1

Download Image

उसी इक ख़लिश में अना मैं हुई हूँ
अभी दिल लगा अब फ़ना मैं हुई हूँ

1

Download Image

गुज़रे जब उस राह से देखा न मुड़ के
जो ख़लिश थी छोड़ आए हैं सड़क पर

1

Download Image

भूल जाओगे उसे तो भी ख़लिश होगी ही
जल भी जाए जो मकाँ फिर भी धुआँ रहता है

0

Download Image

न हुआ नसीब क़रार-ए-जाँ हवस-ए-क़रार भी अब नहीं
तिरा इंतिज़ार बहुत किया तिरा इंतिज़ार भी अब नहीं

तुझे क्या ख़बर मह-ओ-साल ने हमें कैसे ज़ख़्म दिए यहाँ
तिरी यादगार थी इक ख़लिश तिरी यादगार भी अब नहीं

86

Download Image

ख़लिश एक स्थायी दर्द या असुविधा की भावना को व्यक्त करता है, जो अक्सर भावनात्मक होता है। कविता में, यह लालसा और अधूरी इच्छाओं की सूक्ष्म पीड़ा को दर्शाता है।

कवि 'ख़लिश' का उपयोग प्रेम और लालसा की खट्टे-मीठे स्वभाव को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर खुशी के क्षणों के साथ विपरीत होता है, भावनाओं की जटिलता को उजागर करता है।

ख़लिश गहरी भावनाओं के साथ आने वाले कोमल दर्द की याद दिलाता है, जो अनकहा रह जाता है।