Meaning of

ख़ूब-रूई

khoob-rooi • خوب روئی

सुंदरता; आकर्षण

beauty; charm

خوبصورتی; دلکشی

Persian

ये तय हुआ था कि ख़ूब रोएँगे जब मिलेंगे अब उस के शाने पे सर है तो हँसते जा रहे हैं — Pallav Mishra
फ़िल्म इक बनाऊँगा मैं तिरी ख़ूब-रूई पर तरजीह दूँगा और तिरी आँखों के सीन को — Milan Gautam

'ख़ूब-रूई' शब्द मूल रूप से शारीरिक सुंदरता और आकर्षण को दर्शाता है। कविता में, यह केवल बाहरी रूप से परे जाकर आत्मा और चरित्र के आकर्षण को समेटता है, जो आत्मा को मोहित करने वाली आंतरिक चमक को दर्शाता है।

कवि 'ख़ूब-रूई' का उपयोग उन सुंदरता के विषयों की खोज के लिए करते हैं जो शारीरिक से परे हैं। यह अक्सर रूप और सार दोनों में पूर्णता के आदर्श का प्रतीक है। यह शब्द सतहीपन के विपरीत है, गहराई और सच्चे आकर्षण पर जोर देता है।

कविता में, 'ख़ूब-रूई' उस गहरी सुंदरता की याद दिलाती है जो भीतर होती है। यह हमें सतह से परे देखने के लिए आमंत्रित करती है।