Meaning of

खाका

khaaka • خاکہ

रूपरेखा; खाका; प्रारूप; ढांचा

sketch; outline; draft; framework

خاکہ; خاکہ; مسودہ; ڈھانچہ

Arabic

इश्क़ है इक ज़हरीला साँप ख़ुशियाँ खाकर जीता है — Ashutosh Kumar "Baagi"
दिल के दौरों से मरते हैं अक्सर, लोग अच्छे दिलों के यहाँ पर कोई मरता नहीं दिल दुखाकर, बेवफ़ाओं की लंबी हैं उमरें — Shayra kirti
मुझे आँखें दिखा कर बोलती है चुप रहो भैया बहिन छोटी भले हो बात वो अम्मा सी करती है — Divy Kamaldhwaj
आज जवानी ठोकर खाकर गिरती है बूढ़े कंधे बोझ उठाए चलते हैं — Anmol Mishra
दिखा कर के शहीदों की शहादत को कुछ ऐसे ही तो कल अख़बार रोएगा — Kuldeep Tripathi KD
बहुत ही ख़ुश है ज़माना कमाल पर मेरे मगर कमाल दिखा कर बहुत उदास हूँ मैं — Ansh Ghafil

मूल रूप से 'खाका' एक प्रारंभिक चित्र या रूपरेखा को संदर्भित करता है, जो किसी विचार या अवधारणा के सार को पकड़ता है। कविता में, यह अपने शाब्दिक अर्थ से परे जाकर एक अधूरी लेकिन आशाजनक दृष्टि का आभास कराता है, जो कल्पना के रंगों से भरने की प्रतीक्षा कर रहा है।

'खाका' का उपयोग कवि अक्सर यात्रा की शुरुआत या किसी विचार में संभावनाओं को दर्शाने के लिए करते हैं। यह भावनाओं या विचारों की कच्ची, अपरिष्कृत स्थिति का प्रतीक हो सकता है। यह पूर्ण कृति के विपरीत, अपूर्णता में सुंदरता को उजागर करता है।

कविता में, 'खाका' शुरुआत की सुंदरता और संभावनाओं के आकर्षण की याद दिलाता है।