ये बात अभी सब को समझ आई नहीं हैदीवाना है दीवाना तमन्नाई नहीं हैदिल मेरा दुखाकर ये मुझे तेरा मनानामरहम है फ़क़त ज़ख़्म की भरपाई नहीं है— Vikram Gaur Vairagi