Meaning of

खै़रात

khairaat • خیرات

दान; भिक्षा; परोपकार

charity; alms; benevolence

خیرات; صدقہ; نیکی

Arabic

मिलना हमारा कम हुआ फिर बात कम हुई क़िस्तों में मुझ ग़रीब की ख़ैरात कम हुई — Bhawana Srivastava
दिल में न हो जुरअत तो मोहब्बत नहीं मिलती ख़ैरात में इतनी बड़ी दौलत नहीं मिलती — Nida Fazli
की ग़लतियाँ हज़ारों फिर ये हुनर है आया मुझ को मिली सफलता ख़ैरात की नहीं है — Ravi 'VEER'
कैसे बताऊँ मैं ये ग़म बस देते हो सौग़ात में मुझ को नहीं अब चाहिए ये प्यार भी ख़ैरात में — Danish Balliavi
जो बिन माँगे मिल जाए वो है मुहब्बत ख़ुशामद करोगे तो ख़ैरात होगी — Hameed Sarwar Bahraichi
देखो, दुआएँ माँग के हासिल करो हमें हम वो नहीं जो आप को खैरात में मिले — Rao Nasir
मैं माँगू वक़्त नोटों सा तू चिल्लड़ सा थमा जाए तेरी ख़ैरात में अपना गुज़ारा हो नहीं सकता — Firdous khan
ठुकरा के आ गया था मैं ख़ैरात एक दिन फिर कुछ नहीं बचा मेरे कासा-ए-इश्क़ में — Dipendra Singh 'Raaz'

ख़ैरात देने का भाव केवल भौतिक नहीं होता, यह दिल की उदारता का प्रतीक है। कविता में, यह भावनात्मक समृद्धि का प्रतीक बन जाता है, जहाँ देने का कार्य आत्मा की उदारता को दर्शाता है।

कवि ख़ैरात का उपयोग निःस्वार्थता और आत्मा की समृद्धि के विषयों को उजागर करने के लिए करते हैं। यह भौतिक संपत्ति के विपरीत, इरादे की पवित्रता को दर्शाता है। यह प्रकृति या ब्रह्मांड की दिव्य उदारता को भी प्रतिबिंबित कर सकता है।

कविता में ख़ैरात बिना अपेक्षा के देने की सुंदरता की कोमल याद दिलाता है। यह दूसरों को समृद्ध करने की दिल की क्षमता का उत्सव मनाता है।