Meaning of

ख़्वार

khwaar • خوار

अपमानित; तिरस्कृत; नीचा दिखाया हुआ

humiliated; disgraced; abased

خوار; ذلیل; رسوا

Persian

बे-सबब मरने से अच्छा है कि हो कोई सबब दोस्तों सिगरेट पियो मय-ख़्वारियाँ करते रहो — Ameer Imam
किसी की लाश खाती है किसी का ख़ून पीती है बहुत खूॅंखार है दुनिया बहुत प्यासी ज़मीं है अब — "Nadeem khan' Kaavish"
मिले थे बिन बुलाए आज ज़ाहिर प्यार करने को दिलासा क़त्ल से पहले दिया ग़म-ख़्वार करने को — arjun chamoli
तू अपने सारे दुख जा कर बताता है जिन्हें, इक दिन बढ़ाएँगे वही ग़म-ख़्वार तेरी आँख का पानी — Siddharth Saaz
रहबर भी ये हमदम भी ये ग़म-ख़्वार हमारे उस्ताद ये क़ौमों के हैं में'मार हमारे — Unknown
पहली मुलाक़ात की वो आवारगी ख़्वार करना हाँ याद रखना झिझकते वो आँखों से प्यार करना — arjun chamoli
तिरे मिलने की ख़्वाहिश और हफ़्ता ख़्वार हो जाना मुझे सब याद है वो पीर से इतवार हो जाना — 'June' Sahab Barelvi
हम शजर देखिए अज़ीजों में मीर से ख़्वार होते फिरते हैं — Shajar Abbas

ख़्वार गहरे अपमान और तिरस्कार की भावना को व्यक्त करता है। कविता में, यह नीचा दिखाए जाने की भावनात्मक गहराई को दर्शाता है, खोई हुई गरिमा और सम्मान के दर्द को पकड़ता है।

कवि ख़्वार का उपयोग सामाजिक या व्यक्तिगत पतन के दुख को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह खोई हुई प्रतिष्ठा और आत्म-मूल्य को पुनः प्राप्त करने के आंतरिक संघर्ष का प्रतीक भी हो सकता है।

ख़्वार गरिमा और तिरस्कार के बीच के मार्मिक संघर्ष को पकड़ता है।