Meaning of

गम-ए-फ़ुर्क़त

gam-e-furqat • غم فرقت

वियोग का दुःख; तड़प

sorrow of separation; longing

غم جدائی; تڑپ

Persian

ग़म-ए-फ़ुर्क़त का शिकवा करने वाली मेरी मौजूदगी में सो रही है — Jaun Elia
चला जाता है महफ़िल में हसीनों की सुलगने को गम-ए-फ़ुर्क़त में दिल इक ग़म नया हरदम लगाता है — Ajeetendra Aazi Tamaam
दिल थक चुका है ये ग़म-ए-फ़ुर्क़त के बोझ से आँखें तरस गई हैं तेरे दीद के लिए — Shajar Abbas
मेरी जी एफ तो बन गई हो तुम अब तो वाइफ़ तुम्हें बनाना है — Nirbhay Nishchhal
जल रहा है मेरा दिल यार-ए-ग़म-ए-फ़ुर्कत में सब को लगता है 'शजर' पर ये दीया रक्खा है — Shajar Abbas

गम-ए-फ़ुर्क़त उस गहरे दुःख और तड़प को पकड़ता है जो प्रिय से वियोग के साथ आता है। कविता में, यह मानवीय भावना की गहराई को जगाता है, जहाँ अनुपस्थिति प्रेम को और गहरा कर देती है।

कवि अक्सर गम-ए-फ़ुर्क़त का उपयोग प्रेम और हानि के विषयों का अन्वेषण करने के लिए करते हैं, जहाँ वियोग का दर्द स्नेह की शक्ति का प्रमाण बन जाता है। यह प्रेम की खट्टे-मीठे स्वभाव को व्यक्त करने के लिए एक कैनवास है।

गम-ए-फ़ुर्क़त में, हृदय अपनी सबसे गहरी पीड़ा और सबसे गहरे प्रेम को पाता है।