Meaning of

गर्दन-फ़राज़

gardan-faraaz • گردن فراز

गर्वित; गरिमामय

proud; dignified

فخر سے بلند; باوقار

Persian

फिर भी हमारा दाग़-ए-गिरेबाँ न दिख सका हम आइने के सामने गर्दन-फ़राज़ थे — Abdulla Asif

'गर्दन-फ़राज़' शब्द एक ऐसे व्यक्ति की छवि प्रस्तुत करता है जो गर्व और गरिमा के साथ खड़ा होता है। कविता में, यह अक्सर उन लोगों का प्रतीक होता है जो विपत्तियों के खिलाफ मजबूती से खड़े होते हैं, आत्म-सम्मान और दृढ़ता का प्रतीक बनते हैं।

कवि 'गर्दन-फ़राज़' का उपयोग किसी पात्र की आंतरिक शक्ति को उजागर करने के लिए करते हैं। यह अक्सर विनम्रता के साथ विपरीत होता है, गर्व और विनम्रता के बीच एक गतिशील तनाव पैदा करता है।

'गर्दन-फ़राज़' अपनी काव्यात्मक सार में उस महान आत्मा को पकड़ता है जो झुकने से इनकार करती है।