Meaning of

ग़म-ए-ग़ुर्बत

gham-e-ghurbat • غم غربت

निर्वासन का दुःख; अलगाव का शोक

sorrow of exile; grief of separation

جلاوطنی کا غم; جدائی کا دکھ

Persian

भले हों ख़ून के रिश्ते या दुनिया के फ़रिश्ते हों ग़म-ए-ग़ुर्बत के मारों को सहारा कौन देता है — Ajeetendra Aazi Tamaam

ग़म-ए-ग़ुर्बत उस गहरे दुःख को व्यक्त करता है जो अपने वतन या प्रियजनों से दूर होने के साथ जुड़ा होता है। कविता में, यह अलगाव के दर्द और वापसी की लालसा का प्रतीक है, जो अक्सर स्मृति और हानि के विषयों के साथ जुड़ा होता है।

कवि 'ग़म-ए-ग़ुर्बत' का उपयोग परिचित परिवेश से दूर होने की भावनात्मक उथल-पुथल को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर लालसा और अधूरी इच्छाओं के दर्द को व्यक्त करता है। यह संबंध और घर वापसी के विषयों के विपरीत है।

ग़म-ए-ग़ुर्बत हृदय की घर की अनंत खोज की एक मार्मिक याद दिलाता है।