Meaning of

ग़म-ए-ज़माना

gham-e-zamaana • غم زمانہ

दुनिया का दुःख; सांसारिक शोक

sorrow of the world; worldly grief

دنیا کا غم; دنیاوی غم

Persian

ग़म-ए-ज़माना ने मजबूर कर दिया वर्ना ये आरज़ू थी कि बस तेरी आरज़ू करते — Akhtar Shirani

ग़म-ए-ज़माना मानव स्थिति में निहित सामूहिक दुःख और शोक की बात करता है। कविता में, यह सांसारिक पीड़ा के भार और मानवीय निराशा की सार्वभौमिक प्रकृति को दर्शाता है।

कवि अक्सर 'ग़म-ए-ज़माना' का उपयोग मानवीय पीड़ा के साझा अनुभव को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह सांसारिक दुखों की क्षणभंगुर प्रकृति की याद दिलाता है।

ग़म-ए-ज़माना उस शाश्वत दुःख को दर्शाता है जो मानवता को बांधता है, हमारे साझा सफर की एक मार्मिक याद।