Meaning of

ग़म-ए-दुनिया

gham-e-duniya • غم دنیا

दुनिया का ग़म; सांसारिक दुःख

worldly sorrow; grief of the world

دنیا کا غم; دنیاوی دکھ

Persian

ग़म-ए-दुनिया भी ग़म-ए-यार में शामिल कर लो नश्शा बढ़ता है शराबें जो शराबों में मिलें — Ahmad Faraz
ग़म-ए-दुनिया से कहीं दूर ले जाएँ तुम को मिलिए फ़ुर्सत में कभी चाय पिलाएँ तुम को — Akash Rajpoot
ग़म-ए-दुनिया से आगे कुछ नहीं है जहाँ तुम आशनाई कर रही हो — Rohit Gustakh
हर फ़रेब-ए-ग़म-ए-दुनिया से ख़बरदार तो है तेरा दीवाना किसी काम में हुशियार तो है — Firaq Gorakhpuri
चाँदनी में चाँद की देंगे गवाही तारे भी छोड़ ग़म दुनिया के हम तुम दिल से दिल लेंगे मिला — Abha sethi

'ग़म-ए-दुनिया' उस दुःख और बोझ को समेटे हुए है जो दुनिया में जीवन लाता है। कविता में, यह अक्सर मानव अनुभव के सार्वभौमिक दुःख का प्रतीक होता है, जीवन की क्षणभंगुरता और हमारे सामने आने वाली अनिवार्य परीक्षाओं की याद दिलाता है।

कवि 'ग़म-ए-दुनिया' का उपयोग मानव दुःख की साझा स्थिति को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह दृढ़ता, आशा, और जीवन की चुनौतियों के बीच अर्थ की खोज के विषयों के लिए एक पृष्ठभूमि के रूप में कार्य करता है।

काव्यिक चिंतन में, 'ग़म-ए-दुनिया' एक विलाप और मानवता की स्थायी आत्मा का प्रमाण दोनों है।