Meaning of

ग़म-ख़्वार

gham-khwaar • معمورہ عالم

सहानुभूति रखने वाला; दिलासा देने वाला

sympathizer; comforter

ہمدرد; تسلی دینے والا

Persian

तू अपने सारे दुख जा कर बताता है जिन्हें, इक दिन बढ़ाएँगे वही ग़म-ख़्वार तेरी आँख का पानी — Siddharth Saaz
मिले थे बिन बुलाए आज ज़ाहिर प्यार करने को दिलासा क़त्ल से पहले दिया ग़म-ख़्वार करने को — arjun chamoli
दम-साज़ तू ग़म-ख़्वार तू तू ही मेरा संसार है तू है तमन्ना मेरे दिल की तू ही मेरा प्यार है — ABhishek Parashar
रहबर भी ये हमदम भी ये ग़म-ख़्वार हमारे उस्ताद ये क़ौमों के हैं में'मार हमारे — Unknown
अना हिर्स-ओ-हवस नफ़रत दुखी रखते हैं मुझ को गर नहीं समझा हूँ मैं फिर अपने ही ग़म-ख़्वार की बातें — Manish Pithaya
कौन किसी का ग़म खाता है कहने को ग़म-ख़्वार है दुनिया — Mohammad Rafi Sauda

'ग़म-ख़्वार' सहानुभूति और सांत्वना का सार समेटे हुए है। कविता में, यह अक्सर उस व्यक्ति का वर्णन करता है जो किसी और के दुख में सहभागी होता है, सांत्वना और समझ प्रदान करता है। यह करुणा के माध्यम से किसी के दर्द को कम करने की कोमल क्रिया को पकड़ता है।

'ग़म-ख़्वार' का उपयोग कवि साझा दुःख की सुंदरता और सहानुभूति की उपचार शक्ति को उजागर करने के लिए करते हैं। यह अक्सर उदासीनता के विपरीत होता है, सहानुभूति द्वारा पोषित गहरे संबंध को उजागर करता है।

'ग़म-ख़्वार' सहानुभूति की कोमल शक्ति को दर्शाता है, हमें साझा मानव अनुभवों में सांत्वना खोजने के लिए आमंत्रित करता है।