Meaning of

ग़र्क़

ghark • غرق

डूबा हुआ; निमग्न

drowned; immersed

ڈوبا ہوا; غرق

Arabic

ग़म अगरचे जाँ-गुसिल है प कहाँ बचें कि दिल है ग़म-ए-इश्क़ गर न होता ग़म-ए-रोज़गार होता — Mirza Ghalib
बचा लिया मुझे ग़र्क़ाब होने से उस ने जुनून ए इश्क़ है लाया नदी के पार मुझे — Amaan Pathan
चश्म-ए-पुर-नम में बाद-ए-हिज्र शजर लश्कर-ए-ख़्वाब ग़र्क़ होने लगे — Shajar Abbas
इलाही एक ग़म-ए-रोज़गार क्या कम था कि इश्क़ भेज दिया जान-ए-मुब्तला के लिए — Hafeez Jalandhari
सतह से तह तलक होना पड़ेगा गर्क ही तुम को समुंदर के किनारे पर कभी मोती नहीं मिलते — Dipendra Singh 'Raaz'
कुछ देर बा'द डूब गईं ऐसे ख़्वाहिशें पानी में जैसे गर्क़ हो काग़ज़ की कोई नाव — Sohil Barelvi
माप कर देखा है मैं ने घड़कनों को अपनी इन बे-तहाशा धड़के तेरी मुख़्तसर सी दीद से — Abha sethi

'ग़र्क़' शब्द डूबने या भावनाओं में डूबने की भावना को व्यक्त करता है। कविता में, यह अक्सर भावनाओं की गहराई का प्रतीक होता है, जहाँ कोई प्रेम या दुःख के सागर में खो जाता है।

कवि 'ग़र्क़' का उपयोग भावनाओं की तीव्रता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह एक प्रेमी को जुनून में डूबा हुआ या एक आत्मा को निराशा में निमग्न दिखा सकता है।

कविता में, 'ग़र्क़' मानव भावनाओं की गहरी गहराइयों को पकड़ता है, जहाँ कोई खो भी जाता है और पा भी जाता है।