Meaning of

ग़र्ज

gharz • غرض

उद्देश्य; इरादा

purpose; intention

مقصد; ارادہ

Arabic

ग़रज़ कि काट दिए ज़िंदगी के दिन ऐ दोस्त वो तेरी याद में हों या तुझे भुलाने में — Firaq Gorakhpuri
दोस्ती और किसी ग़रज़ के लिए वो तिजारत है दोस्ती ही नहीं — Ismail Merathi
किस मुँह से कह रहे हो हमें कुछ ग़रज़ नहीं किस मुँह से तुम ने वा'दा किया था निबाह का — Hafeez Jalandhari
नफ़रत धोका बुग़्ज़ तअ'स्सुब झूट दिखावा ख़ुद-ग़रज़ी कैसे कैसे ज़हर भरे हैं इंसाँ की शिरयानों में — Hina Rizvi
मुझ को न दिल पसंद न वो बे-वफ़ा पसंद दोनों हैं ख़ुद-ग़रज़ मुझे दोनों हैं ना-पसंद — Bekhud Dehelvi
जुदा किसी से किसी का ग़रज़ हबीब न हो ये दाग़ वो है कि दुश्मन को भी नसीब न हो — Nazeer Akbarabadi
जैसे सय्यादों को सय्यादी से रहती है ग़रज़ काम उस्तादों को वैसे अपनी उस्तादी से है — Zafar Kamali
वक़्फ़ हो "अशरफ़" वफ़ा की राह पर तुम इस लिए ख़्वाहिशों को मार दो, ख़ुदगरज़ियाँ अंदर रखो — Ashraf Ali

ग़र्ज़ कार्यों के पीछे के उद्देश्य या इरादे को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर पात्रों की छिपी हुई मंशाओं को उजागर करता है, उनकी कथाओं में जटिलता की परतें जोड़ता है।

कवि 'ग़र्ज़' का उपयोग अपने विषयों की प्रेरणाओं में गहराई से जाने के लिए करते हैं। यह स्वार्थी इच्छाओं या महान आकांक्षाओं को प्रकट कर सकता है, जो अक्सर बाहरी दिखावे के विपरीत होते हैं।

कविता में ग़र्ज़ इरादों के सच्चे सार को उजागर करता है, मानवीय कार्यों की सतह को चुनौती देता है।