Meaning of

ग़ाफ़िल

ghaafil • غافل

लापरवाह; बेखबर; अनजान

negligent; heedless; unaware

لاپرواہ; بے خبر; ناواقف

Arabic

सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहाँ ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ — Khwaja Meer Dard
इक तर्ज़-ए-तग़ाफ़ुल है सो वो उन को मुबारक इक अर्ज़-ए-तमन्ना है सो हम करते रहेंगे — Faiz Ahmad Faiz
गो मैं रहा रहीन-ए-सितम-हा-ए-रोज़गार लेकिन तिरे ख़याल से ग़ाफ़िल नहीं रहा — Mirza Ghalib
किस मुँह से करें उन के तग़ाफ़ुल की शिकायत ख़ुद हम को मोहब्बत का सबक़ याद नहीं है — Hafeez Banarasi
रखते हैं मोहब्बत को तग़ाफ़ुल में छुपा कर पर्वा ही तो करते हैं जो पर्वा नहीं करते — Junaid Akhtar
फ़िक्र-ए-ईजाद में गुम हूँ मुझे ग़ाफ़िल न समझ अपने अंदाज़ पर ईजाद करूँँगा तुझ को — Jaun Elia
अदावतें थीं तग़ाफ़ुल था रंजिशें थीं बहुत बिछड़ने वाले में सब कुछ था बे-वफ़ाई न थी — Naseer Turabi
आप के तग़ाफ़ुल का सिलसिला पुराना है उस तरफ़ निगाहें हैं इस तरफ़ निशाना है — Hina taimuri
कभी यक-ब-यक तवज्जोह कभी दफ़अ'तन तग़ाफ़ुल मुझे आज़मा रहा है कोई रुख़ बदल बदल कर — Shakeel Badayuni
अब एक पल का तग़ाफ़ुल भी सह नहीं सकते हम अहल-ए-दिल कभी आदी थे इंतिज़ार के भी — Mohsin Naqvi

'ग़ाफ़िल' शब्द लापरवाही और बेखबरी की भावना को व्यक्त करता है। यह अक्सर अपने ही संसार में खोए होने की स्थिति को दर्शाता है, परिवेश से अनजान। कविता में, यह एक ऐसे चरित्र को चित्रित कर सकता है जो वास्तविकता से अलग है, सपनों या अज्ञानता में खोया हुआ।

कवि 'ग़ाफ़िल' का उपयोग स्वप्निल अलगाव की भावना को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह एक प्रेमी को दर्शा सकता है जो विचारों में खोया हुआ है, दुनिया की कठोर वास्तविकताओं से अनजान।

'ग़ाफ़िल' अपनी काव्यात्मक प्रतिध्वनि में सपनों और वास्तविकता के बीच के नाजुक संतुलन को पकड़ता है, विस्मृति में सुंदरता की एक कोमल याद दिलाता है।