Meaning of

ग़ुबार-ए-ग़म

ghubaar-e-gham • غبار غم

दुख की धूल; शोक का बादल

dust of sorrow; cloud of grief

غم کی گرد; غم کا بادل

Persian

ज़रा मौसम तो बदला है मगर पेड़ों की शाख़ों पर नए पत्तों के आने में अभी कुछ दिन लगेंगे बहुत से ज़र्द चेहरों पर ग़ुबार-ए-ग़म है कम बे-शक पर उन को मुस्कुराने में अभी कुछ दिन लगेंगे — Javed Akhtar
ग़ुबार-ए-ग़म नज़र से छट रहा है बहुत दिन बा'द आया ईद का दिन — shampa andaliib

यह वाक्यांश एक ऐसे दुख की छवि प्रस्तुत करता है जो धूल या बादल की तरह चारों ओर फैला हुआ है। यह शोक की सर्वग्राही प्रकृति को दर्शाता है, जहां उदासी हवा में बनी रहती है, सब कुछ छूती है।

कवि 'ग़ुबार-ए-ग़म' का उपयोग दुख की सर्वव्यापी और स्थायी प्रकृति को व्यक्त करने के लिए करते हैं। इसे अक्सर खुशी या स्पष्टता के क्षणों के विपरीत रखा जाता है, उदासी के भार को उजागर करते हुए।

कविता में, 'ग़ुबार-ए-ग़म' दुख की सर्वव्यापकता का सार पकड़ता है, एक छाया जो बनी रहती है।