Meaning of

ग़ुरूब

ghuroob • غروب

सूर्यास्त; पतन; अंत

sunset; decline; end

غروب آفتاب; زوال; اختتام

Arabic

वो सर्दियों की धूप की तरह ग़ुरूब हो गया लिपट रही है याद जिस्म से लिहाफ़ की तरह — Musavvir Sabzwari
रोज़ सूरज ग़ुरूब होते ही जिस्म में रूह छटपटाती है — Mohd Arham

'ग़ुरूब' उस शांतिपूर्ण फिर भी उदास क्षण को पकड़ता है जब सूर्य क्षितिज के नीचे डूबता है, दिन के अंत को चिह्नित करता है। यह न केवल सूर्य के भौतिक अस्त होने का प्रतीक है बल्कि क्षणों, अवसरों और जीवन के चरणों के पतन का भी प्रतीक है। कविता में, यह समापन की भावना, अंत की सुंदरता और समय के अनिवार्य प्रवाह को व्यक्त करता है।

कवि अक्सर 'ग़ुरूब' का उपयोग अंत की सुंदरता और उदासी पर विचार करने के लिए करते हैं। यह जीवन के संध्या का रूपक है, सपनों के कोमल मुरझाने का। यह शब्द भोर के विपरीत है, अस्तित्व के चक्रीय स्वभाव को उजागर करता है।

'ग़ुरूब' की शांति में, कोई अंत की गरिमा पाता है। यह जीवन की क्षणभंगुर सुंदरता की कोमल याद दिलाता है।