Meaning of

ग़ुरूर-ए-दौलत

ghuroor-e-daulat • غرور دولت

धन का गर्व; संपत्ति का अहंकार

pride of wealth; arrogance of riches

دولت کا غرور; مال و دولت کا تکبر

Arabic

ये ग़ुरूर-ए-दौलत टिकता नहीं ज़ियादा दिन लोग चाहते हैं अब राज हो मुहब्बत का — Sandeep Singh Chouhan "Shafaq"

यह वाक्यांश उस व्यक्ति की छवि प्रस्तुत करता है जो अपनी धन-संपत्ति के गर्व में लिप्त है, अक्सर विनम्रता को भूल जाता है। कविता में, यह भौतिक सफलता और आध्यात्मिक खालीपन के बीच के तनाव को दर्शाता है।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग धन की सतही प्रकृति की आलोचना करने के लिए करते हैं। यह भौतिक संपत्ति की क्षणभंगुरता की याद दिलाता है। यह विनम्रता और आध्यात्मिक समृद्धि के विषयों के विपरीत है।

कविता के क्षेत्र में, 'ग़ुरूर-ए-दौलत' भौतिक धन के खोखले गर्व को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण है।