Meaning of

गुँध

gundh • گندھ

सुगंध; खुशबू; सार

fragrance; scent; essence

خوشبو; مہک; جوہر

Sanskrit

किस शफ़क़त में गुँधे हुए मौला माँ बाप दिए कैसी प्यारी रूहों को मेरी औलाद किया — Anjum Saleemi
मुझे सौगंध राँझे की अगर इतनी मोहब्बत मैं किसी पत्थर को करता तो वो पत्थर भी पिघल जाता — Pritesh Bunker

गुँध शब्द उस नाज़ुक सुगंध की उपस्थिति को दर्शाता है जो हवा में तैरती रहती है, किसी क्षण या स्मृति के सार को पकड़ती है। कविता में, यह केवल भौतिक सुगंध तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आत्मा को महकाने वाले भावनात्मक और आध्यात्मिक सार का प्रतीक बन जाता है।

कवि अक्सर 'गुँध' का उपयोग नॉस्टेल्जिया या लालसा को व्यक्त करने के लिए करते हैं, एक क्षण की क्षणिक सुंदरता को पकड़ते हैं। यह लोगों या स्थानों के बीच अदृश्य लेकिन गहराई से महसूस किए गए संबंधों का प्रतीक हो सकता है।

कविता के क्षेत्र में, 'गुँध' ठोस और अलौकिक के बीच एक पुल बन जाता है, हमारे जीवन में बुने हुए अदृश्य धागों की याद दिलाता है।