Meaning of

गुलजार

gulzar • گلزار

बाग; स्वर्ग

garden; paradise

باغ; جنت

Persian

रौशनी ऐसी अजब थी रंग-भूमी की 'नसीम' हो गए किरदार मुदग़म कृष्ण भी राधा लगा — Iftikhar Naseem
शे'र कोई नहीं दिसंबर पर ख़ाक शाइ'र बने फिरो हो तुम — Khalid Azad
दिल की ख़ातिर एक रिश्ते को बचाने के लिए आग मैं ने ही लगा ली ख़ुद मिरे घरबार में — Shashank Shekhar Pathak
तेरी क़ुर्बत में गुज़रे हैं मेरे लम्हें पुराने कुछ मेरी तन्हाई को रह रह के जो गुलजार करते हैं — sanjeev kailasha
कोई आसाँ नहीं गुलज़ार करना प्यार का गुलशन जिगर के ख़ून से सींचो इसे तब जा के खिलता है — Nityanand Vajpayee
सुधारस आप के अधरों से थोड़ा सा पिला दो तो मेरे दिल का ये रेगिस्तान भी गुलज़ार हो जाए — Nityanand Vajpayee

'गुलजार' मूल रूप से एक हरे-भरे बाग का चित्र प्रस्तुत करता है, जो सुंदरता और शांति का स्थान है। कविता में, यह भावनाओं के स्वर्ग का प्रतीक बन जाता है, जहाँ सुंदरता और शांति एक साथ रहती हैं। यह शब्द जीवन की प्रचुरता और जीवंत रंगों का एहसास कराता है, पाठक को एक ऐसे संसार की कल्पना करने के लिए आमंत्रित करता है जो दुःख से अछूता है।

कवि अक्सर 'गुलजार' का उपयोग एक आदर्श दुनिया को चित्रित करने के लिए करते हैं, जो वास्तविकता से एक शरण है। यह दिल के बाग का प्रतिनिधित्व कर सकता है, जहाँ प्रेम और सपने खिलते हैं। कभी-कभी, यह बंजर परिदृश्यों के विपरीत होता है, भावनाओं की समृद्धि को उजागर करता है।

'गुलजार' एक काव्यात्मक आश्रय है, सुंदरता की शाश्वत उपस्थिति की याद दिलाता है।