Meaning of

गुल-ए-रुख़्सार

gul-e-rukh'saar • گل رخسار

गाल का फूल; सुंदरता; आकर्षण

flower of the cheek; beauty; charm

رخسار کا پھول; حسن; دلکشی

Persian

गुल-ए-रुख़्सार की ये मेहरबानी है कि करने देती है दीदार वो अपना — ABhishek Parashar

यह वाक्यांश प्रिय के चेहरे की नाजुक सुंदरता और आकर्षण को दर्शाता है, जिसे फूल की कोमलता और सुगंध से तुलना की जाती है। कविता में, यह अक्सर सुंदरता की क्षणभंगुरता और उससे प्रेरित कोमल भावनाओं का प्रतीक होता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग प्रिय की क्षणिक सुंदरता को उजागर करने के लिए करते हैं। यह अक्सर प्रेम, लालसा और समय के प्रवाह के विषयों की खोज करने वाले छंदों में प्रकट होता है।

कविता में, गुल-ए-रुख़्सार सुंदरता के क्षणभंगुर सार को पकड़ता है, प्रशंसा और अस्थायित्व के बीच नाजुक संतुलन की याद दिलाता है।