Meaning of

गुल-ख़ार

gul-khaar • گل خار

फूल का कांटा; सुंदरता के साथ दर्द

thorn of a flower; beauty with pain

پھول کا کانٹا; خوبصورتی کے ساتھ درد

Persian

हर रंग देखे मैं ने उस गुल-ख़ार के जितने चुराए रंग लब से यार के — Shams Amiruddin

फूल पर कांटे की छवि सुंदरता और दर्द की द्वैतता को पकड़ती है। कविता में, 'गुल-ख़ार' सुंदरता के साथ आने वाली अनिवार्य कठिनाइयों का प्रतीक है, जो खुशी और दुख के बीच नाजुक संतुलन की याद दिलाता है।

कवि 'गुल-ख़ार' का उपयोग प्रेम और जीवन की खट्टे-मीठे स्वभाव को उजागर करने के लिए करते हैं। यह सुझाव देता है कि सुंदरता अक्सर चुनौतियों के साथ आती है, और सच्ची सराहना इस द्वैतता को समझने के साथ आती है।

कविता के क्षेत्र में, 'गुल-ख़ार' सुंदरता और प्रतिकूलता के आपस में जुड़े नृत्य का प्रमाण है।