Meaning of

गोर-ए-ग़रीबाँ

gor-e-ghareeban • گور غریباں

गरीबों की कब्र; निर्धनों का विश्राम स्थल

grave of the poor; resting place of the destitute

غریبوں کی قبر; ناداروں کا آرام گاہ

Persian

टक गोर-ए-ग़रीबाँ की कर सैर कि दुनिया में उन ज़ुल्म-रसीदों पर क्या क्या न हुआ होगा — Meer Taqi Meer

मूल रूप से, यह वाक्यांश एक साधारण विश्राम स्थल की छवि प्रस्तुत करता है, जो अक्सर उपेक्षित और भूला हुआ होता है। कविता में, यह गरीबों के मौन कष्ट, उनकी अनदेखी उपस्थिति और उनके अंतिम विश्राम में निहित शांति का प्रतीक बन जाता है।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग सामाजिक अन्याय और अमीर-गरीब के बीच की असमानता को उजागर करने के लिए करते हैं। यह मृत्यु और उसके द्वारा लाई गई समानता की मार्मिक याद दिलाता है। एक साधारण कब्र की छवि अमीरों की भव्यता के विपरीत होती है।

'गोर-ए-ग़रीबाँ' अपनी शांति में मानव स्थिति के बारे में बहुत कुछ कहता है। यह हमें उस साझा भाग्य की याद दिलाता है जो सभी को, चाहे स्थिति कुछ भी हो, बांधता है।