Meaning of

घाइल

ghaail • غائل

घायल; आहत; पीड़ित

wounded; injured; stricken

زخمی; مجروح; متاثر

Sanskrit

आज कुछ घाइल परिंदों की दु'आओं में सुना है आसमाँ चाहे न हो पर पाँव के नीचे ज़मीं हो — Dharmesh bashar
तुम ने कैसे कह दिया तन्हा हूँ मैं पाँच छह तो मुझ में घाइल लोग हैं — lalit mohan bhatt
चिलचिलाती धूप है और पैर में चप्पल नहीं जिस्म घाइल है मगर ये हौसला घाइल नहीं — Tanoj Dadhich
जिस्म छलनी हो चुका है, रूह घाइल हो चुकी है "कान्ह" तेरे प्यार में "मीरा" जी पागल हो चुकी है — Prit
मिला कर नज़रें घाइल हो गया मैं बदन देखा तो पागल हो गया मैं — Danish Balliavi
पल हर-पल था अब कोई पल नहीं रहा अब दुख में हूँ मैं पर घाइल नहीं रहा — Rudransh Trigunayat
वो जब मिलता तो हम पागल हो जाते हैं उस की नज़रों से हम घाइल हो जाते हैं — Jitendra "jeet"

'घायल' शारीरिक और भावनात्मक रूप से घायल होने का भाव देता है। कविता में, यह अक्सर एकतरफा प्रेम के दर्द या जीवन की लड़ाइयों से छोड़े गए घावों का प्रतीक होता है, जो सहानुभूति और आत्मनिरीक्षण को जगाता है।

कवि 'घायल' का उपयोग पीड़ा और असुरक्षा की गहराई को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह टूटे हुए दिल की मौन चीखों या जीवन की परीक्षाओं के दृश्यमान निशानों को चित्रित कर सकता है। यह शब्द अक्सर दृढ़ता के विपरीत होता है, जो मानव स्थिति को उजागर करता है।

'घायल' दर्द और उपचार के सार्वभौमिक अनुभव को संबोधित करता है। यह हमें असुरक्षा में पाई जाने वाली ताकत की याद दिलाता है।