Meaning of

जमाल

jamaal • جمال

सौंदर्य; सुंदरता; कृपा

beauty; elegance; grace

خوبصورتی; حسن; نزاکت

Arabic

ख़ुद जिसे मेहनत मशक़्क़त से बनाता हूँ 'जमाल' छोड़ देता हूँ वो रस्ता आम हो जाने के बा'द — Jamal Ehsani
आ देख कि मेरे आँसुओं में ये किस का जमाल आ गया है — Ada Jafarey
तिरे जमाल की तस्वीर खींच दूँ लेकिन ज़बाँ में आँख नहीं आँख में ज़बान नहीं — Jigar Moradabadi
दिल की बिसात क्या थी निगाह-ए-जमाल में इक आईना था टूट गया देख-भाल में — Seemab Akbarabadi
ज़रा विसाल के बा'द आइना तो देख ऐ दोस्त तिरे जमाल की दोशीज़गी निखर आई — Firaq Gorakhpuri
जो मिटा है तेरे जमाल पर वो हर एक ग़म से गुज़र गया हुईं जिस पे तेरी नवाज़िशें वो बहार बन के सँवर गया — Fana Bulandshahri
उस को देखा तभी ख़ुदा ने लफ़्ज़ जमाल ईजाद किया वो बोली तो बहरो ने भी सुन-सुन कर इरशाद किया — Aalam
हुस्न-ओ-जमाल उस का मुकम्मल ग़ज़ल सा है इक तिल है रुख़ पे जैसे कि नुक़्ता लगा हुआ — "Nadeem khan' Kaavish"

जमाल शुद्धतम रूप में सौंदर्य को दर्शाता है, जिसमें शारीरिक आकर्षण और आंतरिक कृपा दोनों शामिल हैं। कविता में, यह अक्सर केवल सौंदर्य से परे जाकर आत्मा की समरसता और ब्रह्मांड की जटिल डिजाइन का प्रतिबिंब बन जाता है।

कवि 'जमाल' का उपयोग प्रकृति की उत्कृष्ट सुंदरता या प्रिय की अलौकिक मोहकता को उभारने के लिए करते हैं। यह पूर्णता और दिव्य कृपा के आदर्श का भी प्रतीक हो सकता है।

कविता में जमाल सौंदर्य की शाश्वत खोज का प्रमाण है, जो देखे और अनदेखे दोनों में विद्यमान है, अस्तित्व की समरसता को प्रतिध्वनित करता है।