कभी तो आ जाए कोई एक साल मेराकि जिस में बेहतर हो ये मलूल हाल मेराकहीं मुसव्विर को भूल तो नहीं बैठाये जो है वहम-ए-ज़ेबाई-ओ-जमाल मेरा— Zaan Farzaan