Husn Shayari - Poetic Verses Reflecting Beauty and Charm

Discover a mesmerizing collection of Husn Shayari that beautifully captures the allure and grace of beauty. These poetic lines celebrate the elegance, charm, and mesmerizing essence of husn (beauty) in its purest form.

Best Husn Shayari on Beauty and Elegance

khoobsurat shayari
ख़ूबसूरत ये मोहब्बत में सज़ा दी उसने
फिर गले मिलके मेरी उम्र बढ़ा दी उसने
Manzar Bhopali
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तू जो हर रोज़ नए हुस्न पे मर जाता है
तू बताएगा मुझे इश्क़ है क्या जाने दे
Ali Zaryoun
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इश्क़ को पूछता नहीं कोई
हुस्न का एहतिराम होता है
Asrar Ul Haq Majaz
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हर हक़ीक़त है एक हुस्न 'हफ़ीज़'
और हर हुस्न इक हक़ीक़त है
Hafeez Banarsi
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तुम्हें आइनों की ज़रूरत नहीं है
कि तुमसे कोई ख़ूबसूरत नहीं है
Santosh S Singh
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Heart Touching Husn Shayari in Hindi

sundarta shayari
मिरे जुनूँ का नतीजा ज़रूर निकलेगा
इसी सियाह समुंदर से नूर निकलेगा
Ameer Qazalbash
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दिल में जो मोहब्बत की रौशनी नहीं होती
इतनी ख़ूबसूरत ये ज़िंदगी नहीं होती
Hastimal Hasti
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जिस से पूछे तेरे बारे में यही कहता है
ख़ूबसूरत है वफ़ादार नहीं हो सकता
Abbas Tabish
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हुस्न बला का कातिल हो पर आखिर को बेचारा है
इश्क़ तो वो कातिल जिसने अपनों को भी मारा है

ये धोखे देता आया है दिल को भी दुनिया को भी
इसके छल ने खार किया है सहरा में लैला को भी
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Jaun Elia
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उस के फ़रोग़-ए-हुस्न से झमके है सब में नूर
शम-ए-हरम हो या हो दिया सोमनात का
Meer Taqi Meer
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Emotional Husn Shayari on Love and Attraction

husn shayari
न पूछो हुस्न की तारीफ़ हम से
मोहब्बत जिस से हो बस वो हसीं है
Adil Farooqui
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हमारा दिल फक़त दिल ही नहीं सोहिल
ग़ज़ल का ख़ूबसूरत कारख़ाना है
Sohil Barelvi
उस के फ़रोग़-ए-हुस्न से झमके है सब में नूर
शम-ए-हरम हो या हो दिया सोमनात का
Meer Taqi Meer
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ये जो कानों में तू इतने प्यारे झुमके पहने है
इनकी सारी ख़ूबसूरती मिरी- जाँ तुझसे है
Harsh saxena
हुस्न बख़्शा जो ख़ुदा ने आप बख़्शें दीद अपनी
आरज़ू–ए–चश्म पूरी हो मुकम्मल ईद अपनी
Dhiraj Singh 'Tahammul'

Beautiful Husn Shayari in Urdu

हुस्न उनका सादगी में कुछ अलग महका किया
मैंने धड़कन से कहा धड़को मगर आराम से
Ishq Allahabadi
हुस्न के समझने को उम्र चाहिए जानाँ
दो घड़ी की चाहत में लड़कियाँ नहीं खुलतीं
Parveen Shakir
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निगाहें फेर ली घबरा के मैंने
वो तुम से ख़ूबसूरत लग रही थी
Fahmi Badayuni
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अल्लाह अल्लाह हुस्न की ये पर्दा-दारी देखिए
भेद जिस ने खोलना चाहा वो दीवाना हुआ
Arzoo Lakhnavi
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बला की ख़ूबसूरत वो उसे ही देख जीता हूँ
मुझे उसकी ज़रूरत है, न मैं उसका चहीता हूँ

कभी उसको परेशानी मिरे सिगरेट से होती थी
उसे बोलो अभी कोई कि मैं दारू भी पीता हूँ
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Deepankar
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Short Husn Shayari for Instagram Captions

हुस्न ने शौक़ के हंगामे तो देखे थे बहुत
इश्क़ के दावा-ए-तक़दीस से डर जाना था
Asrar Ul Haq Majaz
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हुस्न को शर्मसार करना ही
इश्क़ का इंतिक़ाम होता है
Asrar Ul Haq Majaz
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तुम्हारे साथ इतना ख़ूबसूरत वक़्त गुज़रा है
तुम्हारे बाद हाथों में घड़ी अच्छी नहीं लगती
Madhyam Saxena
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अगर बेदाग़ होता चाँद तो अच्छा नहीं लगता
मोहब्बत ख़ूबसूरत दाग़ है, बेदाग़ से दिल पर
Umesh Maurya
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ख़ूबसूरत है सिर्फ़ बाहर से
ये इमारत भी आदमी सी है
Azhar Nawaz
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Poetic Husn Shayari on Grace and Charm

मन के हारे हुए इंसान को हुस्न-ए-शय से
कोई मतलब नहीं कोई भी सरोकार नहीं
shaan manral
मंज़िलों का कौन जाने रहगुज़र अच्छी नहीं
उसकी आँखें ख़ूबसूरत है नज़र अच्छी नहीं
Abrar Kashif
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लौट जाती है उधर को भी नज़र क्या कीजे
अब भी दिलकश है तेरा हुस्न मगर क्या कीजे
Faiz Ahmad Faiz
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बादलों में से छनता हुआ नूर देख
ऐसी रौशन जबीं है मेरे यार की
Afzal Ali Afzal
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ये हक़ीक़त है, मज़हका नहीं है
वो बहुत दूर है, जुदा नहीं है

तेरे होंटों पे रक़्स करता है
राज़ जो अब तलक खुला नहीं है

जान ए जांँ तेरे हुस्न के आगे
ये जो शीशा है, आइना नहीं है

क्यों शराबोर हो पसीने में
मैं ने बोसा अभी लिया नहीं है

उस का पिंदार भी वहीं का वहीं
मेरे लब पर भी इल्तेजा नहीं है

जो भी होना था हो चुका काज़िम
अब किसी से हमें गिला नहीं है
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Kazim Rizvi

Husn Shayari on Romantic Expressions

किस लिए देखती हो आईना
तुम तो ख़ुद से भी ख़ूबसूरत हो
Jaun Elia
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हुस्न को भी कहाँ नसीब 'जिगर'
वो जो इक शय मिरी निगाह में है
Jigar Moradabadi
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ये वो क़बीला है जो हुस्न को ख़ुदा माने
यहाँ पे कौन तेरी बात का बुरा माने

इशारा कर दिया है आपकी तरफ़ मैंने
ये बच्चे पूछ रहे थे कि बेवफ़ा माने
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Kushal Dauneria
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संग-ए-मरमर की मूरत नहीं आदमी
इस क़दर ख़ूबसूरत नहीं आदमी

चंद क़िस्सों की दरकार है बस इसे
आदमी की ज़रूरत नहीं आदमी
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anupam shah
तुम हुस्न की ख़ुद इक दुनिया हो शायद ये तुम्हें मालूम नहीं
महफ़िल में तुम्हारे आने से हर चीज़ पे नूर आ जाता है
Sahir Ludhianvi
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Thoughtful Husn Shayari on Inner and Outer Beauty

हुस्न ऐसा है कि देखो तो लगे ताज-महल
इस पे वो शख़्स सँवरता भी ग़ज़ल जैसा है
Manazir Ashiq Harganvi
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उस हुस्न के सच्चे मोती को हम देख सकें पर छू न सकें
जिसे देख सकें पर छू न सकें वो दौलत क्या वो ख़ज़ाना क्या
Ibn E Insha
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इक कली की पलकों पर सर्द धूप ठहरी थी
इश्क़ का महीना था हुस्न की दुपहरी थी

ख़्वाब याद आते हैं और फिर डराते हैं
जागना बताता है नींद कितनी गहरी थी
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Vikram Gaur Vairagi
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न करो बहस हार जाओगी
हुस्न इतनी बड़ी दलील नहीं
Jaun Elia
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वो सच्चाई की मूरत भी नहीं थी
उसे मेरी ज़रूरत भी नहीं थी

मैं जिस शिद्दत से उसको चाहता था
वो उतनी ख़ूबसूरत भी नहीं थी
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Tanveer Ghazi
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Husn Shayari on Love and Admiration

तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो
तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो

ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा
ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
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Tehzeeb Hafi
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शाम भी थी धुआँ धुआँ हुस्न भी था उदास उदास
दिल को कई कहानियाँ याद सी आ के रह गईं
Firaq Gorakhpuri
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तुम्हारे साथ था तो मैं गम-ए-उल्फ़त में उलझा था
तुम्हें छोड़ा तो ये जाना कि दुनिया ख़ूबसूरत है
Nirbhay Nishchhal
इश्क़ क्या है ख़ूबसूरत सी कोई अफ़वाह बस
वो भी मेरे और तुम्हारे दरमियाँ उड़ती हुई
Nomaan Shauque
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हुस्न को हुस्न बनाने में मिरा हाथ भी है
आप मुझ को नज़र-अंदाज़ नहीं कर सकते
Rais Farog
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Inspirational Husn Shayari for Celebrating Beauty

चल गया होगा पता ये आपको
बेवफ़ा कहते हैं लड़के आपको

इक ज़रा से हुस्न पर इतनी अकड़
तू समझती क्या है अपने आपको
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Kushal Dauneria
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इश्क़ को जब हुस्न से नज़रें मिलाना आ गया
ख़ुद-ब-ख़ुद घबरा के क़दमों में ज़माना आ गया
Asad Bhopali
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शौक़ के हाथों ऐ दिल-ए-मुज़्तर क्या होना है क्या होगा
इश्क़ तो रुस्वा हो ही चुका है हुस्न भी क्या रुस्वा होगा
Asrar Ul Haq Majaz
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तुझे कौन जानता था मेरी दोस्ती से पहले
तेरा हुस्न कुछ नहीं था मेरी शायरी से पहले
Kaif Bhopali
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नज़र न आए मुझे हुस्न के सिवा कुछ भी
वो बेवफ़ा भी अगर है तो बेवफ़ा न लगे
Hasan naim
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