Meaning of

जहान-ए-ख़राब

jahaan-e-kharaab • جہان خراب

विनाश की दुनिया; वीरानी का क्षेत्र

world of ruin; realm of desolation

خراب کی دنیا; ویرانی کی سلطنت

Persian

इस जहान-ए-ख़राब में सोहिल और क्या क्या मिले नहीं मालूम — Sohil Barelvi
कोई नहीं बचेगा जहान-ए-ख़राब में सब को सजा मिलेगी याँ अपने गुनाह की — Sohil Barelvi
सद-शुक्र वक़्त पर जो मुझे दोस्त तुम मिले वर्ना मैं जा चुका था जहान-ए-ख़राब में — Sohil Barelvi

'जहान-ए-ख़राब' एक ऐसी दुनिया की तस्वीर पेश करता है जो क्षय में है, जहाँ वीरानी का शासन है। कविता में, यह मानव आत्मा के भीतर मौजूद आंतरिक उथल-पुथल और अराजकता का प्रतिनिधित्व करता है, भावनात्मक विनाश का एक परिदृश्य जहाँ आशा दुर्लभ है।

कवि 'जहान-ए-ख़राब' का उपयोग निराशा और अस्तित्वगत संकट के विषयों में गहराई से जाने के लिए करते हैं। यह अक्सर दुःख की गहराइयों और अराजकता के बीच अर्थ की खोज के लिए एक पृष्ठभूमि के रूप में कार्य करता है।

विनाश की दुनिया में, कविता नवीनीकरण के बीज और पुनर्निर्माण का साहस पाती है।