Meaning of
जहान-ए-ख़राब
jahaan-e-kharaab • جہان خراب
Hindi
बर्बाद दुनिया; अराजकता में दुनिया
English
ruined world; world in chaos
Urdu
برباد دنیا; افراتفری میں دنیا
Origin
Persian
Ash'aar
Nuance
जहान-ए-ख़राब वीरानी और अव्यवस्था की भावना को उभारता है। कविता में, यह अक्सर मानव अस्तित्व की अराजकता और नैतिक मूल्यों के पतन का प्रतीक होता है। यह चित्रण स्पष्ट है, एक ऐसी दुनिया को दर्शाता है जो अपनी राह खो चुकी है।
Poetic Usage
कवि जहान-ए-ख़राब का उपयोग अस्तित्वगत निराशा और सामाजिक पतन के विषयों की खोज के लिए करते हैं। इसे अक्सर मासूमियत के नुकसान और आदर्शों के भ्रष्टाचार की आलोचना करने के लिए उपयोग किया जाता है। यह वाक्यांश व्यक्तिगत आत्मनिरीक्षण और अर्थ की खोज के लिए पृष्ठभूमि के रूप में भी काम कर सकता है।
Closing Insight
जहान-ए-ख़राब हमें अराजकता के बीच आशा खोजने, बर्बादी से पुनर्निर्माण करने की चुनौती देता है।