Meaning of

जानाँ

jaanaan • جاناں

प्रिय; प्रियतम

beloved; darling

محبوب; پیارا

Persian

देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं — Varun Anand
हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो — Jaun Elia
तुम बहुत ख़ुश रहोगी मेरे साथ वैसे हर इक की अपनी मर्ज़ी है — Tehzeeb Hafi
मैं ने जो कुछ भी सोचा हुआ है, मैं वो वक़्त आने पे कर जाऊँगा तुम मुझे ज़हर लगते हो और मैं किसी दिन तुम्हें पी के मर जाऊँगा — Tehzeeb Hafi
बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी — Ankita Singh

'जानाँ' एक प्रिय को संबोधित करने का कोमल शब्द है, जो गर्मजोशी और स्नेह को जगाता है। कविता में यह गहरे प्रेम, आकांक्षा और प्रिय की प्रिय उपस्थिति को व्यक्त करने का माध्यम बन जाता है।

कवि अक्सर 'जानाँ' का उपयोग अपने स्नेह की गहराई को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह आदर्श प्रेमी, प्रेरणा का स्रोत, या वह अप्राप्य सुंदरता का प्रतीक हो सकता है जो हृदय को मोहित करती है।

काव्य क्षेत्र में, 'जानाँ' प्रेम की आकांक्षा का सार है, हृदय की गहरी इच्छाओं की एक कालातीत फुसफुसाहट।