Meaning of

जान-ए-जाँ

jaan-e-jaan • جان جاں

प्राणों का प्राण; प्रियतम

soul of the soul; beloved

جان جاں; محبوب

Persian

ये सोचो तो यूँँ दिल के सामने दिल ही दिवाना है
रहा हूँ उन के दिल में ही जो मेरे जान-ए-जानाँ है

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जान-ए-जाँ ने भुला दिया मुझ को
अपने दिल से मिटा दिया मुझ को

मैं तो मिलने गया था उस सेे दोस्त
उस ने क्या क्या सुना दिया मुझ को

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हम ने छोड़ा तो मुड़कर न देखा मगर
आ गए हम तुम्हारी ख़ुशी के लिए

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जान-ए-जाँ एक नज़र शाम के बा'द
मुझ को जाना है मगर शाम के बा'द

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कहकशाँ क़मर सूरज आसमान दे देंगे
तुम को जान तोहफ़े में दो जहान दे देंगे

दिल तो एक छोटी सी शय है माँगकर देखो
जान-ए-जान तुम को हम अपनी जान दे देंगे

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हो सके तो बातें कर लिया कीजे हम सेे
मौत का है मौसम चल रहा जान-ए-जानाँ

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मुहब्बत में कई ऐसे भी सौदे कर गया हूँ मैं
हक़ीक़त जान के जिस की बहुत ही डर गया हूँ मैं

मिला जो भी भरोसा कर लिया उस पे ऐ जान-ए-जाँ
नहीं करना था जो मुझ को वही तो कर गया हूँ मैं

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दर्द उठाना पड़ सकता है इस रस्ते में
इश्क़ नहीं हासिल होता यारो सस्ते में

एक किताब-ए-याद-ए-जान-ए-जानाँ होगी
और तो जस्सर क्या होगा दिल के बस्ते में

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दूरी से मजबूरी है
मजबूरी से दूरी है

जान-ए-जाँ महसूस करो
मेरा प्यार ज़रूरी है

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ख़ूब-सूरत और भी हैं इस जहाँ में लड़कियाँ
तुम मगर हो जान-ए-जाँ सब लड़कियों से मुख़्तलिफ़

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ये सोचो तो यूँँ दिल के सामने दिल ही दिवाना है
रहा हूँ उन के दिल में ही जो मेरे जान-ए-जानाँ है

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जान-ए-जाँ ने भुला दिया मुझ को
अपने दिल से मिटा दिया मुझ को

मैं तो मिलने गया था उस सेे दोस्त
उस ने क्या क्या सुना दिया मुझ को

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यह वाक्यांश स्नेह और संबंध की गहनता को व्यक्त करता है। यह एक ऐसे बंधन का सुझाव देता है जो भौतिकता से परे है, अस्तित्व के सार को छूता है। कविता में, यह अक्सर परम प्रिय का प्रतीक होता है, जिसे सभी से अधिक प्रिय माना जाता है, जो किसी के अस्तित्व के मूल को दर्शाता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग गहन प्रेम और भक्ति को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह प्रियतम को किसी के ब्रह्मांड के केंद्र के रूप में दर्शा सकता है। यह वाक्यांश पूर्णता और संतोष की भावना को जागृत करता है, अक्सर भावनात्मक और आध्यात्मिक संबंध की गहराई को व्यक्त करने के लिए उपयोग किया जाता है।

प्रेम के क्षेत्र में, 'जान-ए-जाँ' एक अनंत बंधन के सार को पकड़ता है, गहन और अटल।