Meaning of

जान-ए-जाना

jaan-e-jaana • جان جانا

प्रियतम का प्रिय; प्रिय

beloved of the beloved; cherished one

محبوب کا محبوب; عزیز

Persian

'मीर' हम मिल के बहुत ख़ुश हुए तुम से प्यारे इस ख़राबे में मिरी जान तुम आबाद रहो — Meer Taqi Meer
ये सोचो तो यूँँ दिल के सामने दिल ही दिवाना है रहा हूँ उन के दिल में ही जो मेरे जान-ए-जानाँ है — arjun chamoli
अगर थक गए जान तुम इश्क़ करना ज़रा बात को मान तुम इश्क़ करना — Afzal Sultanpuri
हो सके तो बातें कर लिया कीजे हम सेे मौत का है मौसम चल रहा जान-ए-जानाँ — Rovej sheikh
सहारा भी किनारा भी सुनो तो जान तुम ही हो अरे मेरी नज़र का बस सदा अरमान तुम ही हो — Vardaan
ऐ जान तुम कभी पूछो हैसियत हमारी हाथों से हम सजा देंगे माँग को तुम्हारी — Danish Balliavi
जान ले लो जान तुम मेरी यक़ीनन जान लेना तो मिरी फितरत नहीं है — Shashank Shekhar Pathak
मेरी नज़रों से देखो जान-ए-जानाँ तुम्हें दुनिया हसीं लगने लगेगी — Shajar Abbas

'जान-ए-जाना' वाक्यांश उस गहरी स्नेह और श्रद्धा को समेटे हुए है जो कोई अपने प्रिय के लिए रखता है। यह एक ऐसे प्रेम को दर्शाता है जो साधारण सीमाओं से परे है, भक्ति और प्रशंसा के सार को पकड़ता है।

कवि 'जान-ए-जाना' का उपयोग गहरे प्रेम और लालसा को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर प्रिय के गुणों का जश्न मनाने या उनकी अनुपस्थिति पर विलाप करने वाले छंदों में प्रकट होता है।

'जान-ए-जाना' में, हम एक ऐसे प्रेम की गूंज सुनते हैं जो कोमल और शाश्वत दोनों है।