Meaning of

जुलैखा

Julaikha • زلیخا

एक ऐतिहासिक व्यक्ति का नाम; सुंदरता और इच्छा का प्रतीक

name of a historical figure; symbol of beauty and desire

ایک تاریخی شخصیت کا نام; خوبصورتی اور خواہش کی علامت

Unknown

ज़ुलेख़ा-ए-अज़ीज़ाँ बात ये है भला घाटे का सौदा क्यूँ करें हम — Jaun Elia
हुस्न-ए-यूसुफ़ के लिए ख़्वाब-ए-ज़ुलेख़ा की तड़प जो भी देखे तो कहे ख़्वाब-ए-ज़ुलेख़ा ही बना — "Nadeem khan' Kaavish"
यूसुफ़ की थीं ज़ुलेख़ा ख़रीदार मिस्र में मुझ को बताओ मेरा ख़रीदार कौन है — Shajar Abbas
पाक दामन ख़ुद को हम कैसे रखें यूसुफ़ भला आज कल की लड़कियाँ सारी ज़ुलेख़ा हो गईं — Shajar Abbas
यूसुफ़ न बन सका कभी तेरी निगाह में लेकिन तुझे तो मैं ने ज़ुलेख़ा बना दिया — SALIM RAZA REWA
मिले दिल को कोई हज़रत ख़दीजा सी, मगर मौला ज़ुलेख़ा, उर्वशी से हट के कोई भी नहीं मिलती — A R Sahil "Aleeg"
बुतों से माँगने पर क्या मिला है नसीहत हैं जुलैखा की दुआएँ — Afzal Sultanpuri
ज़ुलेख़ा कि फिर उर्वसी क्यूँ न आए ख़ुदा मेरा किरदार यूसुफ़ ही रखना — A R Sahil "Aleeg"
मिस्ल-ए-यूसुफ़ मिस्र के बाज़ार में आया हूँ मैं दौर-ए-हाज़िर की ज़ुलेख़ा कर ख़रीदारी मेरी — Shajar Abbas
क्यूँ ज़ुलेखा ने चाक कर डाला क्योंकि मीरा से मिलने नइँ आए — Pritesh Bunker

जुलैखा को अक्सर अपार सुंदरता और लालसा की प्रतीक के रूप में याद किया जाता है। उनकी कहानी गहरी इच्छा और अधूरी प्रेम की है, जो तड़प और मानवीय भावनाओं की जटिलताओं का सार पकड़ती है।

कवि जुलैखा का आह्वान अप्राप्य प्रेम और लालसा में निहित सुंदरता के विषयों की खोज के लिए करते हैं। उनका नाम इच्छा और संयम के बीच के शाश्वत नृत्य को उजागर करता है।

जुलैखा सुंदरता और प्रेम की अनंत खोज का प्रतीक है, जो दिल की गहरी इच्छाओं की याद दिलाती है।