Meaning of

झंकार

jhankaar • دکھےگی

गूंज; झंकार

resonance; tinkling sound

گونج; جھانکار

Sanskrit

वो मेरी फिक्र तो करता है मगर प्यार नहीं या'नी पाज़ेब में घुँघरू तो है झंकार नहीं — Harman Dinesh
वो मेरी पाज़ेब की झंकार से बीमार है तो शिफ़ा ता-उम्र उस को अब मिलेगी ही नहीं — Meenakshi Masoom
ज़िन्दगी रुख़ पर जो तेरे छाई है ये ख़ामुशी आ इसे मैं चीर दूँ पाज़ेब की झंकार से — Kiran K

यह शब्द उस नाजुक और लगातार ध्वनि को दर्शाता है जो हवा में गूंजती है, जैसे घंटी की प्रतिध्वनि या पत्तों की सरसराहट। कविता में, यह उन क्षणों का सार पकड़ता है जो आत्मा में गूंजते हैं और एक स्थायी छाप छोड़ते हैं।

कवि अक्सर 'झंकार' का उपयोग भावनाओं या यादों के स्थायी प्रभावों का वर्णन करने के लिए करते हैं। यह प्रेमी के शब्दों की प्रतिध्वनि या दूर की बांसुरी की भूतिया धुन का प्रतीक हो सकता है।

झंकार वह ध्वनि है जो क्षण बीत जाने के बाद भी बनी रहती है, जो कभी था उसका एक कोमल स्मरण।