सुनता हूँ तेरी यादों की झंकार मैंख़्वाबों में छूता हूँ तिरे रुख़सार मैंतेरे लबों पे बैठे कोई तितली भीबर्दाश्त कर सकता नहीं ये हार मैं— Meem Alif Shaz