Zia Mazkoor

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@ziya-mazkoor

Zia Mazkoor shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Zia Mazkoor's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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Sher

आप का काम हो गया साहब लाश दरिया में फेंक दी मैं ने — Zia Mazkoor
इस वक़्त मुझे जितनी ज़रूरत है तुम्हारी लड़ते भी रहोगे तो मोहब्बत है तुम्हारी — Zia Mazkoor
मैं उन्हीं आबादियों में जी रहा होता कहीं तुम अगर हँसते नहीं उस दिन मेरी तक़दीर पर — Zia Mazkoor
क्या तुम तब भी ऐसे ही चुप-चाप तमाशा देखोगे इस मुश्किल में फँसने वाली अगर तुम्हारी बेटी हो — Zia Mazkoor
ऐसे तेवर दुश्मन ही के होते हैं पता करो ये लड़की किस की बेटी है — Zia Mazkoor
ये उस की मोहब्बत है कि रुकता है तेरे पास वरना तेरी दौलत के सिवा क्या है तेरे पास — Zia Mazkoor
हवा चली तो उस की शॉल मेरी छत पे आ गिरी ये उस बदन के साथ मेरा पहला राब्ता हुआ — Zia Mazkoor
हम को नीचे उतार लेंगे लोग इश्क़ लटका रहेगा पंखे से — Zia Mazkoor
जगह जगह न तअल्लुक़ ख़राब कर मेरा तेरे लिए तो किसी से भी लड़ पड़ूँगा मैं — Zia Mazkoor
वक़्त ही कम था फ़ैसले के लिए वर्ना मैं आता मशवरे के लिए — Zia Mazkoor

Ghazal

इसी नदामत से उस के कंधे झुके हुए हैं कि हम छड़ी का सहारा ले कर खड़े हुए हैं यहाँ से जाने की जल्दी किस को है तुम बताओ कि सूटकेसों में कपड़े किस ने रखे हुए हैं करा तो लूँगा इलाक़ा ख़ाली मैं लड़-झगड़ कर मगर जो उस ने दिलों पे क़ब्ज़े किए हुए हैं वो ख़ुद परिंदों का दाना लेने गया हुआ है और उस के बेटे शिकार करने गए हुए हैं तुम्हारे दिल में खुली दुकानों से लग रहा है ये घर यहाँ पर बहुत पुराने बने हुए हैं मैं कैसे बावर कराऊँ जा कर ये रौशनी को कि इन चराग़ों पे मेरे पैसे लगे हुए हैं तुम्हारी दुनिया में कितना मुश्किल है बच के चलना क़दम क़दम पर तो आस्ताने बने हुए हैं तुम इन को चाहो तो छोड़ सकते हो रास्ते में ये लोग वैसे भी ज़िंदगी से कटे हुए हैं — Zia Mazkoor