isse aapka dukh bhi ho jaayega achha khaasa kam | इस सेे आपका दुख भी हो जाएगा अच्छा ख़ासा कम

  - Zia Mazkoor

इस सेे आपका दुख भी हो जाएगा अच्छा ख़ासा कम
मुझ पर गुज़रे लम्हों में से कर दो बस एक लम्हा कम

बड़े-बड़े शहरों में कोई कैसे किसी से प्यार करे
जितने आमने सामने घर है उतना आना जाना कम

उसके पिस्टल से एक गोली कम होने का मतलब है
अपने शहर में उड़ने वाले गोल से एक परिंदा कम

कल तो वो और उसकी कश्ती बस जलने ही वाले थे
दरिया उस पर काफी गरम था लेकिन आग से थोड़ा कम

सदके जाऊँ उन चीजों पर जिनको उसके हाथ लगे
'अजब मैकेनिक था वो जिसने तोड़ा ज़्यादा जोड़ा कम

  - Zia Mazkoor

Kashti Shayari

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