Abhishek shukla

Abhishek shukla

पा ए उम्मीद प रक्खे हुए सर हैं हम लोग
हैं न होने के बराबर ही मगर हैं हम लोग

तू ने बरता ही नहीं ठीक से हम को ऐ दोस्त
ऐब लगते हैं बज़ाहिर प हुनर हैं हम लोग

  • Sher
  • Ghazal

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