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दौलत, शुहरत, बीवी, बच्चे, अच्छा घर और अच्छे दोस्त - Zia Mazkoor

दौलत, शुहरत, बीवी, बच्चे, अच्छा घर और अच्छे दोस्त
कुछ तो है जो उनके बाद भी हासिल करना बाक़ी है

कभी-कभी तो दिल करता है चलती रेल से कूद पड़ूॅं
फिर कहता हूॅं...पागल अब तो थोड़ा रस्ता बाक़ी है

Zia Mazkoor
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