tum ne bhi un se hi milnaa hota hai | तुम ने भी उन से ही मिलना होता है

  - Zia Mazkoor

तुम ने भी उन से ही मिलना होता है
जिन लोगों से मेरा झगड़ा होता है

उस के गाँव की एक निशानी ये भी है
हर नलके का पानी मीठा होता है

मैं उस शख़्स से थोड़ा आगे चलता हूँ
जिस का मैं ने पीछा करना होता है

बस हल्की सी ठोकर मारनी पड़ती है
हर पत्थर के अंदर चश्मा होता है

तुम मेरी दुनिया में बिल्कुल ऐसे हो
ताश में जैसे हुकुम का इक्का होता है

कितने सूखे पेड़ बचा सकते हैं हम
हर जंगल में लक्कड़हारा होता है

  - Zia Mazkoor

Paani Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Zia Mazkoor

As you were reading Shayari by Zia Mazkoor

Similar Writers

our suggestion based on Zia Mazkoor

Similar Moods

As you were reading Paani Shayari Shayari