Shikwa Shayari - Dil ke shikwe, complaints, aur unspoken feelings in words

Shikwa shayari expresses the quiet complaints and unspoken grievances of the heart. It captures those moments when words are held back but emotions run deep—be it in love, life, or relationships. Through soft yet powerful lines, shikayat and gile-shikwe find a poetic voice.

What is shikwa shayari?

Shikwa shayari is a form of poetry that expresses complaints, grievances, or unspoken feelings of the heart, often related to love, relationships, or life situations.

Shikwa Shayari in Hindi

Express your heartfelt complaints with relatable Hindi shikwa shayari.

गिले शिकवे ज़रूरी हैं अगर सच्ची मुहब्बत है जहाँ पानी बहुत गहरा हो थोड़ी काई रहती है — Munawwar Rana
बैठ कर बात की और जुदा हो गए कोई शिकवा नहीं कोई झगड़ा नहीं — Shariq Kaifi
ओ दिल तोड़ के जाने वाले दिल की बात बताता जा अब मैं दिल को क्या समझाऊँ मुझ को भी समझाता जा — Hafeez Jalandhari
तमाम शहर को तारीकियों से शिकवा है मगर चराग़ की बैअत से ख़ौफ़ आता है — Aziz Nabeel
फिर वही रोना मुहब्बत में गिला शिकवा जहाँ से रस्म है बस इस लिए भी तुम को साल-ए-नौ मुबारक — Neeraj Neer
वैसे एक शिकवा था तुम सेे अच्छा छोडो ईद मुबारक — Zubair Ali Tabish
दिल की तकलीफ़ कम नहीं करते अब कोई शिकवा हम नहीं करते — Jaun Elia
'शाद' ग़ैर-मुमकिन है शिकवा-ए-बुताँ मुझ से मैं ने जिस से उल्फ़त की उस को बा-वफ़ा पाया — Shaad Arfi
अब साथ नहीं है भी तो शिकवा नहीं 'अख़्तर' एहसान भी मुझ पर मिरे भाई के बहुत थे — Majeed Akhtar
उस को नंबर दे के मेरी और उलझन बढ़ गई फोन की घंटी बजी और दिल की धड़कन बढ़ गई — Ana Qasmi

If your feelings lean more towards emotional pain, explore dard shayari for deeper expressions.

Shikwa Shayari on Love

Poetry that captures complaints and silent expectations in love and relationships.

आज भी वो वो ही है और अदा भी वो ही है बे-वफ़ा भी वो ही है और ख़फ़ा भी वो ही है — Aatish Indori
ग़म-ए-फ़ुर्क़त का शिकवा करने वाली मेरी मौजूदगी में सो रही है — Jaun Elia
कोई शिकवा न करे बहते हुए पानी से कश्तियाँ डूबी हैं कुछ अपनी ही मनमानी से — Waseem Barelvi
गरचे इस ने ज़ख़्म दिया है गहरा तुम से दूसरा शिकवा दुनिया से है पहला तुम से — Gourav Kumar
खफा हम किसी से नहीं बस जरा वक़्त की कमी है आसमान में उड़ने का ख़्वाब है और पैरों तले ज़मीं है — Shashank Tripathi
अभी तक मैं अगर उस के दिल से उतरा नहीं फिर मेरे लिए तो इस सेे ज़्यादा कुछ बुरा नहीं एक जैसे सात चेहरे तो मुमकिन है लेकिन मिरे ख़याल से तुम जैसा कोई दूसरा नहीं वो रूठके अगर चाहती है ,, मैं मनाऊं उसे तो फिर ये प्यार है उस का ,, नख़रा नहीं महोब्बत करना चाहते हो करो शौक़ से करो मियाँ मैं कहता हूँ इस में कुछ भी बुरा नहीं मिरे दोस्त ये किस की तस्वीर उठा लाए हो ये सूट तो उसी का है, मगर चेहरा नहीं मैं इश्क़ के मोहल्ले में गया था तन्हाई बहुत थी ये तो अच्छा हुआ मैं ज़्यादा दिन ठहरा नहीं "करन" तुम मोहब्बत में पूरे पागल हो जाओगे ये सारी दुनिया का शिकवा है सिर्फ़ मेरा नहीं — karan singh rajput
तुम्हें इक मश्वरा दूँ सादगी से कह दो दिल की बात बहुत तैयारियाँ करने में गाड़ी छूट जाती है — Zubair Ali Tabish
पहले ये शुक्र कि हम हद्द-ए-अदब से न बढ़े अब ये शिकवा कि शराफ़त ने कहीं का न रखा — Rais Amrohvi
तेरे चेहरे को लिखूँ चाँद या फिर चाँद को चेहरा मेरी रातें इसी उलझन में सारी बीत जातीं हैं — Shakir Dehlvi
तुझ सेे गीला शिकवा करना बेकार है मेरी जाँ तुझे झगड़ना आता है बस बात को समझना नहीं — karan singh rajput

For expressions of betrayal and broken trust, read bewafai shayari as well.

Shikwa Shayari on Life

Lines that reflect complaints and struggles related to life and personal journeys.

दिल के सारे गिले शिकवे, दफ़ा कीजिए आप वफ़ा करने आए हैं, वफ़ा कीजिए — Kuldeep Nagar
ठीक हैं ख़फ़ा होना जुदा होना ठीक नहीं है इश्क़ होना ठीक हैं ख़ुदा होना ठीक नहीं है — Praveen Bhardwaj
है ये अजीब शिकवा कार ए जहाँ से मेरा कुछ कर नहीं रहे हैं और वक़्त भी नहीं है — Shivam chaubey
ग़म हमें औलाद का है ग़ैर से शिकवा नहीं अब तुम्हें हम क्या बताएं क्या परेशानी हुई — Rudransh Trigunayat
तरसते है यहाँ पर सब ख़ुशी को किसी से अब नहीं शिकवा किसी को — Lokesh Singh
दिल नहीं लग रहा है मेरा कही तुम अभी भी ख़फ़ा हो क्या मुझ सेे — Ved prakash Pandey
कि शायद मैं भी बच जाता मुहब्बत के ख़राबे से मैं ने उस रोज़ दिल की बात गर मानी नहीं होती — karan singh rajput
कुछ ख़ास ही मुझ सेे लगावट है उसे बाक़ी किसी से वो खफ़ा होती नहीं — Sarvjeet Singh
लफ़्ज़ों के इस्तिमाल में कच्चा हूँ इस लिए समझो ये दिल की बात हमें तुम सेे प्यार है — Akash Rajpoot

If life feels overwhelming, you may also connect with zindagi shayari .

Shikwa Shayari with Meaning

Understand the depth behind each complaint with meaningful shikwa shayari.

तुम्हें मुझ सेे अगर शिकवा रहा, कुछ कहना मत मुझ सेे मोहब्बत में हूँ जानाँ, मैं तुम्हारी आँखें पढ़ लूँगा — Manish jain
न कोई शिकवा शिकायत, न रोना-धोना, न कोशिश करूँँगा मैं रोकने की फ़क़त इतना कह दो, इस बेवफ़ाई की क्या वजह है? ख़ता आख़िर क्या है मेरी — A R Sahil "Aleeg"
साँप और नेवले की कहानी हुई ज़िन्दगी अब मेरी रब ख़फ़ा, सब ख़फ़ा, मर भी सकता नहीं जी भी पाता नहीं — A R Sahil "Aleeg"
रहा है इस साल भी रब ख़फ़ा मुझ सेे, मैं भी रब से न बदला अपनी दुआ मैं, न रब ने अपना इरादा — A R Sahil "Aleeg"
कई अरबों की आबादी, इश्क़ हो इक से जुनूनी, और वो भी जब बे-वफ़ा बन जाए, ख़ुदा, शिकवा तो बनता है — A R Sahil "Aleeg"
शिकवा सजा हुआ है ये लब पर गुलाब के बोसा हमारा आज 'शजर' ने नहीं लिया — Shajar Abbas
न वो ख़ुश मुझ सेे न मैं ख़ुश , ख़फा वो भी है, मैं भी हूँ मुसलसल ही चल रही है लड़ाई अपनी ख़ुदा से — A R Sahil "Aleeg"
रेशम जैसे लोग हैं हम उलझन में ही रहते हैं — Spilledink
तू ख़फ़ा है और मेरा आजकल दोस्तों से राब्ता होता नहीं — Dileep Kumar
यार समझो मिरी बात को तुम ख़फ़ा हो मगर हम नहीं — Arohi Tripathi
दिल में लाखों शिकायतें हैं पर बे-वफ़ाओं से क्या गिला शिकवा — Ajeetendra Aazi Tamaam

For deeper emotional understanding, explore ehsaas shayari alongside these lines.

Shikwa Shayari on Relationships

Explore poetic complaints and misunderstandings within relationships.

हमें तो ठीक से तो शा'इरी भी अब नहीं आती पता तो है नहीं कैसे ग़ज़ल शिकवा उतर आया — Raunak Karn
करूँँ शिकवा क्या ख़ुदा से दुआ जो लौटा दी उस ने नबी-मुर्सल नूह की भी दुआ वो लौटा चुका है — A R Sahil "Aleeg"
उदासी कौन लाया है मिरे घर मिरा भाई मुझी से अब ख़फ़ा है — Meem Alif Shaz
तंग आ चुके हैं अपनी ही जब ज़िंदगी से हम शिकवा करें ए जान-ए-जाँ फिर क्या किसी से हम — Ajeetendra Aazi Tamaam
किसी से जब हमें शिकवा नहीं तो किसी की फिर शिकायत क्यूँ करें हम — Irshad 'Arsh'
आप की सरकार है जी आप ही फ़रमाइए हम अगर बोले तो फिर हम सेे खफ़ा हो जाओगे — Ajeetendra Aazi Tamaam
ज़िन्दगी हमें जब उलझन तमाम देती है मौत चैन का फिर दे इक पयाम देती है — Shivam Mishra
ज़रूरी है ज़माना भी ख़फ़ा हो हमें तो अब बदलना है ज़रूरी — Meem Alif Shaz
हर महफ़िल में नज़र आता है गुम सुम उलझन है या मोहब्बत या तन्हाई — Meem Alif Shaz
उस को किसी और से शिकायत हो तो शिकवा भी करे बंदा परेशाँ जो अगर ख़ुद से हो तो क्या ही करे — Kartik tripathi
मेरी दीवानगी से वो ख़फ़ा था सफ़र में साथ छोड़ेगा पता था — Aatish Indori

If relationships feel distant, you can also read rishta shayari .

2 Line Shikwa Shayari

Short and impactful two-line shikwa shayari for quick emotional expression.

जो था क़िस्मत में मेरी वो मिला मुझ को न शिकवा है किसी से नइँ गिला मुझ को — Shivam Mishra
वो मुझ से भी खफ़ा है, होने दो ये तो दुनिया की बीमारी है — Meem Alif Shaz
चाहे जितना भी ख़फ़ा होऊँ मैं तुम सेे लेकिन मिट्टी की प्यास पे बादल ये बरस जाता है — Pritam sihag
आ गया हम को जौन जैसा फ़न जिस को मिलना ज़रा ख़फ़ा करना — pankaj pundir
मेरे साथ दफ़्न हो न जाए दिल में जो भी है सोचा जाते जाते शिकवा तुम सेे करता जाऊँ मैं — Prince
क्या क्या है मुझ को प्यार से शिकवा, सुनाऊँगा इक दिन मैं दिल की बात उसे जा सुनाऊँगा — Hasan Raqim
वो जो इल्ज़ाम हम पर ही लगा के फिर ख़फ़ा हैं अब हमें कह बद-चलन ख़ुद ही हुए वो बे-वफ़ा हैं अब — Shivam Mishra
ख़ुशबू फूलों से ख़फ़ा बैठी है राज वो गया है बाग़ से कुछ इस तरह — Raj Tiwari
दीवार ने सब को जुदा कर ही दिया भाई को भाई से ख़फ़ा कर ही दिया — Meem Alif Shaz
मुझ से ख़फ़ा है तो होने दो ये दुनिया की बीमारी है — Meem Alif Shaz

Short Shikwa Shayari

Simple and concise shikwa shayari that capture feelings in fewer words.

यही हसरत लिए फिरता हूँ अक्सर कोई मेरे भी दिल की बात सुन ले — Sohil Barelvi
यार तू बेवजह ही मुझ सेे ख़फ़ा है बेवफ़ाई आजकल रस्म-ए-वफ़ा है — Aatish Indori
जब पूरा दिन उलझन से लड़ने में लग जाता है कोई शाम को घर जा कर कैसे कुछ मीठा बोले — Meem Alif Shaz
किसी से ख़फ़ा मैं हुआ ही नहीं कभी मुझ को ये हक़ मिला ही नहीं — Vaseem 'Haidar'
बस एक शिकवा है तुम सेे के मुझ सेे मिलने कभी हक़ीक़तों में नहीं ख़्वाब में तो आना था — Shahzan Khan Shahzan'
कल तलक हम भी तुम्हारी जान थे, लेकिन आज मर भी जाएँ तो शिकवा नहीं तुम को — AYUSH SONI
इतनी जल्दी तो दिल की बात नहीं होगी इस दोस्ती में हूँ मैं इक ऐसा फूल कि जो खिलने में वक़्त लगाता है — Sumer Soni
कोई रंज नहीं है न कोई शिकवा है तू ने जो कुछ भी मेरे साथ किया है — Abdulla Asif
अपनी ख़ुशी से कोई शिकवा ही नहीं ये कैसे आए जब यहाँ ग़म रहता है — Meem Alif Shaz

Shikwa Shayari for WhatsApp Status

Perfect lines to express silent complaints through your WhatsApp status.

मुझे छोड़ दो, मुझ को शिकवा नहीं है ये टूटा तो है यार बिखरा नहीं है — jaani Aggarwal taak
बस देखते ही रह गए जब सामना हुआ शिकवा हुआ न उन सेे कोई भी गिला हुआ — Ajeetendra Aazi Tamaam
उस दिन खफ़ा होने की कैसी रात थी वो पास बैठी थी न कोई बात थी — Meem Alif Shaz
ख़ुद से नाराज़ ज़माने से ख़फ़ा रहते हैं जाने क्या सोच के हम सब से जुदा रहते हैं — Gulshan
नहीं मुझ को कोई शिकवा नहीं कोई शिकायत है जिसे अपना बनाना है उसे अपना बना लो तुम — Ali Nazim Adam
ख़ता जिस की भी हो छोड़ो ये बातें और गिले शिकवे नहीं बिगड़ा है अब भी कुछ सुनो अब लौट आओ तुम — A R Sahil "Aleeg"
मैं अकेला तो नहीं हूँ इस सफ़र में ज़िन्दगी ख़्वाब, ज़िम्मेदारी, उलझन साथ चलते हैं मिरे — Meem Alif Shaz
कोई शिकवा नहीं कोई शिकायत भी नहीं उस सेे जफ़ा हो या सितम सब इश्क़ का इन'आम लिख देना — A R Sahil "Aleeg"

Shikwa Shayari Captions

Use these shikwa-inspired captions to express your mood on social media.

न कर तू इश्क़ से शिकवा रहम ये कर नहीं सकता — A R Sahil "Aleeg"
पत्थरों से कोई शिकवा ही नहीं है मेरे दोस्त बात ये है तू ने फेंके थे हमारी ही तरफ़ — Meem Alif Shaz
उस की आँखों की उलझन में उलझे हैं अब तक जैसे दसवीं में ट्रिग्नोमेट्री की उलझन में जो उलझे थे — Shreesh Mishra
उस के दिल से निकालने पर क्या शिकवा करना मुझ को बचपन से बाहर रहने की आदत है — Prit
दिल में वहशत है एक उलझन है आख़िरी रात तो नहीं है मेरी — Almas Rizvi
ज़िन्दगी से हम ख़फ़ा हो के कहाँ जाएँगे शाज़ हम जहाँ जाएँगे ये दुश्वारियाँ होगी वहाँ — Meem Alif Shaz
इश्क़ मज़हब रब सनम और आशिक़ी इस की 'इबादत इस में शिकवा कुफ़्र है और इल्तिज़ा जुर्म-ए-कबीरा — A R Sahil "Aleeg"
हाए न जाने कैसी उलझन नाग हज़ारों एक है चंदन — Toyesh prakash
मुसलसल ज़ेहन में उलझन रहेगी, पड़ोसी से अगर अनबन रहेगी — Shakir Dehlvi

FAQs

You can use shikwa shayari when you want to express disappointment, emotional pain, or silent complaints without directly confronting someone.
No, while it is commonly used in love contexts, shikwa shayari can also reflect complaints about life, friendships, or personal struggles.
Yes, short and relatable shikwa shayari lines are perfect for WhatsApp status to subtly express your feelings or emotions.
Shikwa focuses more on expressing complaints and unspoken feelings, while narazgi shayari highlights anger or displeasure more directly.
Yes, many shikwa shayari are written in short 1–2 lines, making them ideal for captions and quick emotional expression.
Yes, shikwa shayari can be written in English, Hindi, or Hinglish, as long as it conveys the feeling of complaint or emotional expression.