इतनी आशाएँ मत जोड़ो अब मुझ सेेखफ़ा खफ़ा रहता है मेरा रब मुझ सेतुम को भी वैसे ही छोड़ के जाना हैजैसे दूर गए हैं सब के सब मुझ से— Ashish Rajput