Narazgi Shayari - Dil ki narazgi, khafa lamhe aur rishton ki baatein

Narazgi shayari reflects those quiet moments when the heart feels hurt, ignored, or misunderstood. It captures the emotions of being khafa, expressing unspoken complaints, and the subtle distance in relationships. Whether it's love, friendship, or life, these lines give voice to feelings we often hide.

What is narazgi shayari?

Narazgi shayari is a form of poetry that expresses feelings of being upset, hurt, or emotionally distant. It often reflects silent complaints, misunderstandings, and the pain of being ignored.

Narazgi Shayari in Hindi

Classic narazgi shayari in Hindi capturing feelings of being upset and emotionally distant.

वैसे एक शिकवा था तुम सेे अच्छा छोडो ईद मुबारक — Zubair Ali Tabish
बैठ कर बात की और जुदा हो गए कोई शिकवा नहीं कोई झगड़ा नहीं — Shariq Kaifi
'शाद' ग़ैर-मुमकिन है शिकवा-ए-बुताँ मुझ से मैं ने जिस से उल्फ़त की उस को बा-वफ़ा पाया — Shaad Arfi
तेरी रंजिश खुली तर्ज-ए-बयाँ से न थी दिल में तो क्यूँँ निकली ज़बाँ से — Dagh Dehlvi
किसी ने कहा था टूटी हुई नाव में चलो दरिया के साथ आप की रंजिश फ़ुज़ूल है — Shahid Zaki
रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिए आ — Ahmad Faraz
दिल की तकलीफ़ कम नहीं करते अब कोई शिकवा हम नहीं करते — Jaun Elia
तमाम शहर को तारीकियों से शिकवा है मगर चराग़ की बैअत से ख़ौफ़ आता है — Aziz Nabeel
अब साथ नहीं है भी तो शिकवा नहीं 'अख़्तर' एहसान भी मुझ पर मिरे भाई के बहुत थे — Majeed Akhtar
फिर वही रोना मुहब्बत में गिला शिकवा जहाँ से रस्म है बस इस लिए भी तुम को साल-ए-नौ मुबारक — Neeraj Neer

If your feelings turn deeper, explore dard shayari to express intense pain.

Narazgi Shayari on Love

Express roothna, misunderstandings, and emotional gaps in love through heartfelt lines.

आज भी वो वो ही है और अदा भी वो ही है बे-वफ़ा भी वो ही है और ख़फ़ा भी वो ही है — Aatish Indori
कोई शिकवा न करे बहते हुए पानी से कश्तियाँ डूबी हैं कुछ अपनी ही मनमानी से — Waseem Barelvi
गरचे इस ने ज़ख़्म दिया है गहरा तुम से दूसरा शिकवा दुनिया से है पहला तुम से — Gourav Kumar
तुझ सेे गीला शिकवा करना बेकार है मेरी जाँ तुझे झगड़ना आता है बस बात को समझना नहीं — karan singh rajput
तरसते है यहाँ पर सब ख़ुशी को किसी से अब नहीं शिकवा किसी को — Lokesh Singh
ग़म-ए-फ़ुर्क़त का शिकवा करने वाली मेरी मौजूदगी में सो रही है — Jaun Elia
पहले ये शुक्र कि हम हद्द-ए-अदब से न बढ़े अब ये शिकवा कि शराफ़त ने कहीं का न रखा — Rais Amrohvi
खफा हम किसी से नहीं बस जरा वक़्त की कमी है आसमान में उड़ने का ख़्वाब है और पैरों तले ज़मीं है — Shashank Tripathi
अभी तक मैं अगर उस के दिल से उतरा नहीं फिर मेरे लिए तो इस सेे ज़्यादा कुछ बुरा नहीं एक जैसे सात चेहरे तो मुमकिन है लेकिन मिरे ख़याल से तुम जैसा कोई दूसरा नहीं वो रूठके अगर चाहती है ,, मैं मनाऊं उसे तो फिर ये प्यार है उस का ,, नख़रा नहीं महोब्बत करना चाहते हो करो शौक़ से करो मियाँ मैं कहता हूँ इस में कुछ भी बुरा नहीं मिरे दोस्त ये किस की तस्वीर उठा लाए हो ये सूट तो उसी का है, मगर चेहरा नहीं मैं इश्क़ के मोहल्ले में गया था तन्हाई बहुत थी ये तो अच्छा हुआ मैं ज़्यादा दिन ठहरा नहीं "करन" तुम मोहब्बत में पूरे पागल हो जाओगे ये सारी दुनिया का शिकवा है सिर्फ़ मेरा नहीं — karan singh rajput
ठीक हैं ख़फ़ा होना जुदा होना ठीक नहीं है इश्क़ होना ठीक हैं ख़ुदा होना ठीक नहीं है — Praveen Bhardwaj

For deeper romantic emotions, read mohabbat shayari that reflect pure love feelings.

Narazgi Shayari on Life

Shayari that reflects disappointment and emotional struggles with life situations.

दिल नहीं लग रहा है मेरा कही तुम अभी भी ख़फ़ा हो क्या मुझ सेे — Ved prakash Pandey
वो रूठना भी क्या है यार जो फिर कभी लौटा नहीं — Yogamber Agri
ग़म हमें औलाद का है ग़ैर से शिकवा नहीं अब तुम्हें हम क्या बताएं क्या परेशानी हुई — Rudransh Trigunayat
इक मुद्दत से इस दिल में एक बे-दर्दी का आलम है जाने कैसी रंजिश है ये जाने ये कैसा ग़म है — Abhishek Bhadauria 'Abhi'
है ये अजीब शिकवा कार ए जहाँ से मेरा कुछ कर नहीं रहे हैं और वक़्त भी नहीं है — Shivam chaubey
तेरे हाथों की मेहन्दी से रंजिश मुझे देख उस में है चेहरा किसी और का — Santy sharma
कुछ ख़ास ही मुझ सेे लगावट है उसे बाक़ी किसी से वो खफ़ा होती नहीं — Sarvjeet Singh
तुम्हें मुझ सेे अगर शिकवा रहा, कुछ कहना मत मुझ सेे मोहब्बत में हूँ जानाँ, मैं तुम्हारी आँखें पढ़ लूँगा — Manish jain
शिकवा सजा हुआ है ये लब पर गुलाब के बोसा हमारा आज 'शजर' ने नहीं लिया — Shajar Abbas

If your thoughts connect with life’s reality, explore zindagi shayari for deeper insights.

Narazgi Shayari with Meaning

Understand the deeper emotions behind narazgi shayari with simple meanings.

न कोई शिकवा शिकायत, न रोना-धोना, न कोशिश करूँँगा मैं रोकने की फ़क़त इतना कह दो, इस बेवफ़ाई की क्या वजह है? ख़ता आख़िर क्या है मेरी — A R Sahil "Aleeg"
साँप और नेवले की कहानी हुई ज़िन्दगी अब मेरी रब ख़फ़ा, सब ख़फ़ा, मर भी सकता नहीं जी भी पाता नहीं — A R Sahil "Aleeg"
तू ख़फ़ा है और मेरा आजकल दोस्तों से राब्ता होता नहीं — Dileep Kumar
यार समझो मिरी बात को तुम ख़फ़ा हो मगर हम नहीं — Arohi Tripathi
दिल में लाखों शिकायतें हैं पर बे-वफ़ाओं से क्या गिला शिकवा — Ajeetendra Aazi Tamaam
आप की सरकार है जी आप ही फ़रमाइए हम अगर बोले तो फिर हम सेे खफ़ा हो जाओगे — Ajeetendra Aazi Tamaam
न वो ख़ुश मुझ सेे न मैं ख़ुश , ख़फा वो भी है, मैं भी हूँ मुसलसल ही चल रही है लड़ाई अपनी ख़ुदा से — A R Sahil "Aleeg"
रहा है इस साल भी रब ख़फ़ा मुझ सेे, मैं भी रब से न बदला अपनी दुआ मैं, न रब ने अपना इरादा — A R Sahil "Aleeg"
कई अरबों की आबादी, इश्क़ हो इक से जुनूनी, और वो भी जब बे-वफ़ा बन जाए, ख़ुदा, शिकवा तो बनता है — A R Sahil "Aleeg"
हमें तो ठीक से तो शा'इरी भी अब नहीं आती पता तो है नहीं कैसे ग़ज़ल शिकवा उतर आया — Raunak Karn
करूँँ शिकवा क्या ख़ुदा से दुआ जो लौटा दी उस ने नबी-मुर्सल नूह की भी दुआ वो लौटा चुका है — A R Sahil "Aleeg"

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Narazgi Shayari on Relationships

Shayari that expresses emotional distance, misunderstandings, and silence in relationships.

उदासी कौन लाया है मिरे घर मिरा भाई मुझी से अब ख़फ़ा है — Meem Alif Shaz
तंग आ चुके हैं अपनी ही जब ज़िंदगी से हम शिकवा करें ए जान-ए-जाँ फिर क्या किसी से हम — Ajeetendra Aazi Tamaam
किसी से जब हमें शिकवा नहीं तो किसी की फिर शिकायत क्यूँ करें हम — Irshad 'Arsh'
जो था क़िस्मत में मेरी वो मिला मुझ को न शिकवा है किसी से नइँ गिला मुझ को — Shivam Mishra
क्या क्या है मुझ को प्यार से शिकवा, सुनाऊँगा इक दिन मैं दिल की बात उसे जा सुनाऊँगा — Hasan Raqim
वो जो इल्ज़ाम हम पर ही लगा के फिर ख़फ़ा हैं अब हमें कह बद-चलन ख़ुद ही हुए वो बे-वफ़ा हैं अब — Shivam Mishra
ज़रूरी है ज़माना भी ख़फ़ा हो हमें तो अब बदलना है ज़रूरी — Meem Alif Shaz
उस को किसी और से शिकायत हो तो शिकवा भी करे बंदा परेशाँ जो अगर ख़ुद से हो तो क्या ही करे — Kartik tripathi
मेरी दीवानगी से वो ख़फ़ा था सफ़र में साथ छोड़ेगा पता था — Aatish Indori
वो मुझ से भी खफ़ा है, होने दो ये तो दुनिया की बीमारी है — Meem Alif Shaz
चाहे जितना भी ख़फ़ा होऊँ मैं तुम सेे लेकिन मिट्टी की प्यास पे बादल ये बरस जाता है — Pritam sihag

If relationships feel fragile, explore rishta shayari to understand emotional bonds.

2 Line Narazgi Shayari

Short and impactful 2 line narazgi shayari perfect for quick emotional expression.

ख़ुशबू फूलों से ख़फ़ा बैठी है राज वो गया है बाग़ से कुछ इस तरह — Raj Tiwari
दीवार ने सब को जुदा कर ही दिया भाई को भाई से ख़फ़ा कर ही दिया — Meem Alif Shaz
मुझ से ख़फ़ा है तो होने दो ये दुनिया की बीमारी है — Meem Alif Shaz
यार तू बेवजह ही मुझ सेे ख़फ़ा है बेवफ़ाई आजकल रस्म-ए-वफ़ा है — Aatish Indori
किसी से ख़फ़ा मैं हुआ ही नहीं कभी मुझ को ये हक़ मिला ही नहीं — Vaseem 'Haidar'
बस एक शिकवा है तुम सेे के मुझ सेे मिलने कभी हक़ीक़तों में नहीं ख़्वाब में तो आना था — Shahzan Khan Shahzan'
आ गया हम को जौन जैसा फ़न जिस को मिलना ज़रा ख़फ़ा करना — pankaj pundir
मेरे साथ दफ़्न हो न जाए दिल में जो भी है सोचा जाते जाते शिकवा तुम सेे करता जाऊँ मैं — Prince
कोई रंज नहीं है न कोई शिकवा है तू ने जो कुछ भी मेरे साथ किया है — Abdulla Asif

Short Narazgi Shayari

Concise narazgi shayari lines that capture feelings of being upset in few words.

कल तलक हम भी तुम्हारी जान थे, लेकिन आज मर भी जाएँ तो शिकवा नहीं तुम को — AYUSH SONI
अपनी ख़ुशी से कोई शिकवा ही नहीं ये कैसे आए जब यहाँ ग़म रहता है — Meem Alif Shaz
ख़ुद से नाराज़ ज़माने से ख़फ़ा रहते हैं जाने क्या सोच के हम सब से जुदा रहते हैं — Gulshan
नहीं मुझ को कोई शिकवा नहीं कोई शिकायत है जिसे अपना बनाना है उसे अपना बना लो तुम — Ali Nazim Adam
मुझे छोड़ दो, मुझ को शिकवा नहीं है ये टूटा तो है यार बिखरा नहीं है — jaani Aggarwal taak
बस देखते ही रह गए जब सामना हुआ शिकवा हुआ न उन सेे कोई भी गिला हुआ — Ajeetendra Aazi Tamaam
उस दिन खफ़ा होने की कैसी रात थी वो पास बैठी थी न कोई बात थी — Meem Alif Shaz
आख़िर क्या रंजिश है नींद की आँखों से कि नहीं आती बिस्तर के हर कोने में तकिया रख-रख के देख लिया — Prakash Pandey

Narazgi Shayari for WhatsApp Status

Perfect narazgi shayari to share your silent feelings through WhatsApp status.

कोई शिकवा नहीं कोई शिकायत भी नहीं उस सेे जफ़ा हो या सितम सब इश्क़ का इन'आम लिख देना — A R Sahil "Aleeg"
इश्क़ मज़हब रब सनम और आशिक़ी इस की 'इबादत इस में शिकवा कुफ़्र है और इल्तिज़ा जुर्म-ए-कबीरा — A R Sahil "Aleeg"
उस के दिल से निकालने पर क्या शिकवा करना मुझ को बचपन से बाहर रहने की आदत है — Prit
न कर तू इश्क़ से शिकवा रहम ये कर नहीं सकता — A R Sahil "Aleeg"
पत्थरों से कोई शिकवा ही नहीं है मेरे दोस्त बात ये है तू ने फेंके थे हमारी ही तरफ़ — Meem Alif Shaz
जब उस से मुज़्तर पर बोला अजीब रंजिश थी आँखों में — Manohar Shimpi
ज़िन्दगी से हम ख़फ़ा हो के कहाँ जाएँगे शाज़ हम जहाँ जाएँगे ये दुश्वारियाँ होगी वहाँ — Meem Alif Shaz
इश्क़ में उस को ख़ुदा माना तो शिकवा-जफा़ क्यूँ जो ख़ुदा हो वो किसी एक का कब होता है — A R Sahil "Aleeg"

Narazgi Captions for Instagram

Express your mood with stylish narazgi captions for Instagram posts and stories.

बस याद रख कर के मिरा शिकवा गिला तुम ने दिया है यारी का अच्छा सिला — Sahil Verma
मुझ को सूरज से शिकवा नहीं चाँदनी दिन में दिख जाएगी — Abdulla Asif
ख़ामुशी से जुदा हो गए उन से हम कोई झगड़ा नहीं कोई शिकवा नहीं — Daqiiq Jabaalii
सितम वो ही करे दाद-ए-जफ़ा भी बहुत सारे हुए उस से ख़फ़ा भी — Manohar Shimpi
ये रोज़ रोज़ मनाने से लाख अच्छा है ख़फ़ा हो हम सेे अगर तुम तो फिर ख़फ़ा ही रहो — Toyesh prakash
पहन के धूप रहता है यहाँ मज़दूर पसीने का मगर शिकवा नहीं करता — Meem Alif Shaz
माँग कर पैसे ख़फ़ा मैं ने किया दोस्तों को बे-वफ़ा मैं ने किया — Aatish Indori
बे-वफ़ाई का या दिल तोड़ने का शिकवा क्यूँ इश्क़ में होता नहीं कोई तहक्कुम जाएज़ — A R Sahil "Aleeg"
बहुत आसान है मुझ से ख़फ़ा होना कि फ़ौरन झूठ की गर्दन दबाता हूँ — Meem Alif Shaz

FAQs

Yes, narazgi shayari is commonly used as WhatsApp status to express subtle emotions like being khafa or feeling ignored without directly saying it.
Narazgi shayari focuses on feelings of displeasure or emotional distance, often directed at someone, while sad shayari expresses general sorrow or heartbreak.
Yes, narazgi shayari is widely used in love to express roothna, misunderstandings, and emotional gaps between partners.
No, narazgi shayari can be written in Hindi, Urdu, or even Hinglish, depending on personal style and audience preference.
People read narazgi shayari to relate to their emotions, express unspoken feelings, and find comfort in words that mirror their inner thoughts.
Yes, it is often used to indirectly convey emotions like disappointment or hurt when direct communication feels difficult.