हर इंसान के अंदर इतनी ख़्वाहिश होधूप ज़ियादा हो जाए तो बारिश होकिसी बहाने याद रखे वो शख़्स मुझेइश्क़ अगर नामुमकिन है तो रंजिश हो— Armaan khan