अभी तक मैं अगर उस के दिल से उतरा नहीं

फिर मेरे लिए तो इस से ज़्यादा कुछ बुरा नहीं

एक जैसे सात चेहरे तो मुमकिन है लेकिन
मिरे ख़याल से तुम जैसा कोई दूसरा नहीं

वो रूठके अगर चाहती है ,, मैं मनाऊं उसे
तो फिर ये प्यार है उस का ,, नख़रा नहीं

महोब्बत करना चाहते हो करो शौक़ से करो
मियाँ मैं कहता हूँ इस
में कुछ भी बुरा नहीं

मिरे दोस्त ये किस की तस्वीर उठा लाए हो
ये सूट तो उसी का है, मगर चेहरा नहीं

मैं इश्क़ के मोहल्ले में गया था तन्हाई बहुत थी
ये तो अच्छा हुआ मैं ज़्यादा दिन ठहरा नहीं

"करन" तुम मोहब्बत में पूरे पागल हो जाओगे
ये सारी दुनिया का शिकवा है सिर्फ़ मेरा नहीं

— karan singh rajput

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