karan singh rajput

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@shayarkaran

karan singh rajput shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in karan singh rajput's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm
तू पहने जींस तो भी खूब ही भाए
प तेरे सूट सलवारों का क्या कहना
karan singh rajput
हाँ ये मुमकिन है कि मुझको तेरा चेहरा याद आए
मैं कभी तुझसा कहीं गर कोई मिलता जुलता देखूॅं
karan singh rajput
पढ़ा लिक्खा तो सब कुछ भूल जाता हूँ
मगर हर बात उसकी याद रहती है
karan singh rajput
जो जी में आता है कहना नहीं आता
कि अपनी बात पे रहना नहीं आता
karan singh rajput
पहले होली गई फिर दिवाली गई
बिन तेरे अब मेरी ईद ख़ाली गई
karan singh rajput
बना ली है मैंने दिल में जगह उसके
कि अब उस उसके दिल में घर बनाना है
karan singh rajput
वो जो थी हक़ीक़त थी या फिर ख़्वाब था क्या था
जिस के लिए मैं रोया वो अहबाब था क्या था
karan singh rajput
देख कर मैसेज जैसे छोड़ते हो
इस तरह तुमको भी कोई छोड़ देगा
karan singh rajput
कि दिल तो बस उसी पर आता है जो दिल से मिलता है
मगर ऐसा भी तो कोई बड़ी मुश्किल से मिलता है
karan singh rajput
एक मुझसे ही अदावत करना
और तो सबसे मुहब्बत करना
karan singh rajput
किसी रोज़ के लिए ही सही तुम मेरे हो जाओ
कि यूँ भी कहाँ किसी का कोई उम्र भर हुआ है
karan singh rajput
तुझे गर याद हो हमने तेरी ख़ातिर
ज़मीं पे चाँद को इक दिन उतारा था
karan singh rajput
कि अपने बीच ऐसे आती है तेरी सहेली इक
किसी के रस्ते में जैसे कोई दीवार आती है
karan singh rajput
वो मिलने मुझसे जब भी आती है यारों
तो उसकी इक सहेली साथ आती है
karan singh rajput
गाँव में सब उसे देखते रह गए
यूँ गली से मेरी गुजरी अब क्या कहें
karan singh rajput
कि मुद्दतों बाद इश्क के इस गुमान में आ रहा हूॅं मैं
तु ये बता बस मुझे कि तेरे भी ध्यान में आ रहा हूॅं मैं ?
karan singh rajput
किसलिए रोते हो मेरी याद में तुम
मैं अभी ज़िंदा हूं मर थोड़ी गया हूँ
karan singh rajput
कॉलेज में उसका मुझे चेहरा न दिखे जो
मेरी कोई इक क्लास भी अच्छी नहीं जाती
karan singh rajput
इक पेड़ के साए में क्या बैठ गया थक कर
उसने कहा पागल यूँ आराम नहीं लेते
karan singh rajput
अमीरों से लड़ाई चल रही है
ग़रीबों के तभी घर बिक रहे हैं
karan singh rajput

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