भुलाकर हर गिला शिकवा मिलो सब यार होली मेंजुड़ें हर टूटते दिल के वफ़ा के तार होली मेंहो जाए नफ़रती हर रंग फीका इन फ़िज़ाओं मेंखिले बस एक रंगत ही गुलाल-ए-प्यार होली में— Vivek Vistar